अमरोहा। छह साल पहले गजरौला के वर्मा फार्म हाउस में कुल्हाड़ी से युवक की गर्दन काटकर हत्या करने वाले दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फिलहाल दोषी जमानत पर बाहर था। कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना गजरौला थानाक्षेत्र के वर्मा फार्म हाउस में हुई थी। बुलंदशहर जिले के स्याना थानाक्षेत्र के गांव घंसूरपुर निवासी मोनू किराए पर ट्रैक्टर चलाने का काम करते थे। मोनू ने नोएडा में कामबक्शपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार के साथ गजरौला क्षेत्र में गंगा किनारे गुलालपुर स्थित वर्मा फार्म हाउस को ठेके पर ले रखा था। इसमें तीमरपुर के दिनेश प्रधान व गणपत गुर्जर भी साझेदार थे।
25 अप्रैल 2019 को मोनू सभी लोगों के साथ फार्म हाउस में गेहूं की कटाई के लिए गए थे। इस दौरान दिनेश प्रधान और गणपत गांव के ही कुछ मजदूरों को लेकर आए थे जिसमें तीमरपुर गांव का योगेंद्र फौजी भी शामिल था। योगेंद्र फौजी ने शराब पी रखी थी और बिना वजह लोगों को गाली दे रहा था। मोनू ने विरोध किया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। इस बीच नरेंद्र प्रधान ने योगेश को समझाकर भेज दिया था। वहीं, कुछ देर बाद मोनू फार्म हाउस परिसर में पेड़ के नीचे चारपाई पर सो गए थे।
दोपहर में नरेंद्र प्रधान, गणपत व अन्य लोग खाना बनाने की तैयारी करने लगे। इसका फायदा उठाकर योगेंद्र ने कुल्हाड़ी से मोनू की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। लोगों के शोर मचाने पर आरोपी योगेंद्र भाग गया था। नरेंद्र व गणपत ने मजदूरों की मदद से घायल मोनू को गाड़ी से गढ़मुक्तेश्वर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर गढ़ मुक्तेश्वर पुलिस मौके पर आई थी। घटना अमरोहा के गजरौला थाने की होने पर पुलिस को सूचना दी गई थी।
तहेरे भाई ने दर्ज कराया था मुकदमा
पुलिस ने मोनू के तहेरे भाई प्रेमपाल की तहरीर पर योगेंद्र फौजी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, फिलहाल योगेंद्र फौजी जमानत पर जेल से बाहर था। इस मुकदमे की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी योगेंद्र फौजी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।