अमरोहा। नोएडा इंटरनेशनल जेवर एयरपोर्ट जनपद के लिए विकास और समृद्धि की नई इबारत लिखने जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से अमरोहा के प्रसिद्ध ‘ढोलक’ उद्योग को ग्लोबल पहचान मिलेगी।
अब तक घरेलू बाजार तक सीमित रहने वाली ढोलक की थाप अब सीधे विदेशी धरती पर गूंजेगी। बेहतरीन कनेक्टिविटी और एयर कार्गो सुविधा से यहां के कारीगरों को सीधे विदेशी खरीदार मिलेंगे, जिससे जिले में व्यापार, लॉजिस्टिक्स और स्वरोजगार के अप्रत्याशित आयाम स्थापित होंगे। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की शनिवार को प्रथम चरण की शुरुआत हुई।
अमरोहा की पहचान उसकी बेमिसाल काष्ठ कला और विशेषकर ‘’ढोलक’’ से है, जिसे जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग से भी नवाजा जा चुका है। शानदार गुणवत्ता के बावजूद अमरोहा में सीधे तौर पर बड़े निर्यातकों की कमी रही है।
अमरोहा के महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएम डीआईसी) अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में ढोलक की ज्यादातर खपत घरेलू बाजार (डोमेस्टिक मार्केट) में ही हो रही है। कारीगर अपना माल स्थानीय स्तर पर ही बेच देते हैं, जिसे अन्य व्यापारियों द्वारा आगे भेजा जाता है। लेकिन जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से इस परिदृश्य में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने वाला है, क्योंकि अब अमरोहा का उत्पाद सीधे विदेश उड़ान भर सकेगा।