फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: कम आय का प्रमाणपत्र बनाने में फंसे तहसीलदार-लेखपाल, एसडीएम को जांच

Sat, 26 Jul 2025 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर हुई भर्ती में खूब फर्जीवाड़ा हुआ है। इससे जुड़े एक मामले में तहसीलदार व लेखपाल फंस गए है। कोर्ट ने मामले में एसडीएम को जांच सौंपी है।
विज्ञापन


हसनपुर तहसील के लेखपाल और तत्कालीन तहसीलदार ने पूर्व प्रधान की आमदनी छिपाकर कम आय का प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इसके आधार पर पूर्व प्रधान की बेटी ने आंगनबाड़ी वर्कर की नौकरी हासिल कर ली। एक महिला ने मामले की शिकायत की तो अफसरों ने सुनवाई नहीं की। इस पर उसने कोर्ट की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एसडीएम हसनपुर को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही सोमवार को न्यायालय में रिपोर्ट तलब की है।

यह मामला हसनपुर ब्लॉक के कालाखेड़ा गांव से जुड़ा है। गांव निवासी मजदूर अंकित की पत्नी सोनम रानी ने गांव में आंगनबाड़ी वर्कर के पद के लिए आवेदन किया था जिसमें पूर्व प्रधान महमूद हसन की बेटी दरख्शा महमूद समेत 19 ऑनलाइन आवेदन हुए थे। सोनम ने भी शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ जन्म व आयप्रमाण पत्र लगाया था। भर्ती के लिए स्पष्ट निर्देश थे कि आंगनबाड़ी वर्कर की नियुक्ति सबसे कम आए वाले अभ्यर्थी की होगी।
विज्ञापन


नियुक्ति के दौरान आय प्रमाणपत्र को वरीयता दी गई। सोनम ने पति अंकित कुमार का 4500 रुपये मासिक आय का प्रमाणपत्र दस्तावेजों के साथ संलग्न किया था। वहीं, पूर्व प्रधान महमूद हसन की बेटी दरख्शा महमूद ने चार हजार रुपये मासिक आय का प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पा ली। सोनम का आरोप है कि दरख्शा के पिता महमूद हसन पूर्व ग्राम प्रधान हैं। उनके पास जमीन है। साथ ही चार व दो पहिया वाहन भी है।

बावजूद इसके लेखपाल सबीहा खान और तत्कालीन तहसीलदार ने पूर्व प्रधान महमूद हसन से हमसाज होकर उनका कम आय का प्रमाणपत्र बना दिया। सोनम ने मामले की शिकायत अफसरों से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. लकी ने शिकायतकर्ता सोनम रानी के आरोपों की जांच हसनपुर एसडीएम को सौंपी है। कोर्ट ने एसडीएम को संबंधित जांच रिपोर्ट सोमवार को कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
गलत आय प्रमाणपत्र बनाने में आठ लेखपाल हुए थे निलंबित
बाल विकास व महिला कल्याण विभाग की ओर से जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए 2024 में भर्ती निकाली गई थी। इसमें 132 पदों के सापेक्ष बढ़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किए थे। हाल में चयन प्रक्रिया के दौरान लिस्ट लगना शुरू हुई तो शिकायतों का अंबार लग गया। डीएम कार्यालय व विकास भवन में रोजाना लोग शिकायतें लेकर पहुंचने लगे थे। इसमें सबसे ज्यादा शिकायतें आय प्रमाणपत्र को लेकर थीं। इनमें तथ्यों को छिपाकर लेखपालों ने कम आय का प्रमाणपत्र बनाए जाने की संस्तुति की थी। जिससे भर्ती प्रक्रिया में पात्र आवेदकों को लाभ नहीं मिलकर अपात्र आवेदक ने नौकरी हासिल कर ली थी।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कई मामलों की जांच कराई थी। जिसके बाद आठ आय प्रमाणपत्र ऐसे मिले जिसमें जानकारी व तथ्यों को छिपाकर जारी किया गया था। जांच में लेखपालों की मिलीभगत सामने आई थी। इसके बाद अमरोहा तहसील के पतेई खालसा निवासी रामप्रकाश, हसनपुर के जलालपुर खुर्द निवासी अमित कुमार, सांथलपुर निवासी खेमचंद, गांगटटोला निवासी रिंकू कुमार, पौरारा निवासी सोनू सिंह, फूलपुर बीझलपुर निवासी चरन सिंह, मंडी धनौरा के फंदेड़ी निवासी मोहम्मद फाजिल व लहदेवर निवासी गौरव कटारिया का आयप्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था।
डीएम ने इन सभी मामलों में दोषी लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दे दिए थे। इसके बाद पतेई खालसा के तत्कालीन लेखपाल विवेक कुमार, मंडी धनौरा के फंदेड़ी के लेखपाल धनराज यादव, हसनपुर तहसील के गांगटकोला के लेखपाल विवेक गौड़, सांथलपुर के लेखपाल दीपक चौधरी, पौरारा के लेखपाल सतीश कुमार, जलालपुर खुर्द के तत्कालीन लेखपाल चंद्रप्रकाश सैनी, फूलपुर बीझलपुर के तत्कालीन लेखपाल अनुज कुमार व फंदेड़ी के तत्कालीन लेखपाल शंकर सैनी को निलंबित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें