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माननीयों के बीच ही खिंचीं सियासी तलवारें  

Tue, 07 Jun 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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समाजवादी पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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 नौगावां सादात तहसील के भवन चयन को लेकर जनपद की सियासत गरमा गई  है।  समाजवादी पार्टी में अंदरखाने चल रही फूट भी सामने आने लगी है। माननीयों के बीच पैदा हुई गुटबाजी राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
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एक ही क्षेत्र के दो कद्दावर नेताओं बीच तलवारें खिंची हैं। वहीं तीसरे भी मैदान में कूद पड़े हैं, जिससे सियासी पारा और चढ़ गया है। हर कोई हैरान है। आखिर आगे क्या होगा, कौन भारी पड़ेगा या विवाद कैसे निपटेगा, बस इसके बारे में ही प्रत्येक शख्स सोच रहा है। 

शनिवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के चेयरमैन मौलाना जावेद आब्दी अपने गृहनगर नौगावां सादात पहुंचे थे। यहां पर अधिकारियों की बैठक लेने के बाद उन्होंने नौगावां तहसील भवन निर्माण के लिए चिह्नित की गई जगह देखी थी, मगर अधिकारियों की ओर से दूसरी जगह का प्रस्ताव बनाने की बात सुनते ही उनका पारा चढ़ गया था। संबंधित अधिकारियों को उन्होंने ऐसा न करने की हिदायत  दी थी। 
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शाम को क्षेत्रीय विधायक अशफाक अली खां ने डीएम के जरिए राजस्व परिषद अध्यक्ष लखनऊ के नाम पत्र भिजवाया था, जिसमें तहसील भवन का निर्माण नगर की      बजाय अमरोहा नौगावां मार्ग पर बादशाहपुर इंटर कालेज के पास कराने की गुजारिश की थी, जिसके बाद से दोनों माननीय आमने सामने हैं। दोनों ही अपनी जिद पर अड़े हैं।

रही सही कसर सोमवार को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सलाहकार मनवीर सिंह   चिकारा ने पूरी कर दी। उन्होंने विधायक की बात को ही जायज ठहराया। साथ ही उनका पुतला फूंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

शहर से बाहर बने तहसील, पुतला फूंकने वालों पर हो कार्रवाई
अमरोहा। कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सलाहकार मनवीर सिंह चिकारा ने कहा कि नौगावां सादात तहसील नगर की बजाय बाहर ही बननी चाहिए। जिन लोगों ने क्षेत्रीय विधायक का पुतला फूंका है, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सोमवार को ब्लाक सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि तहसील से नौगावां सादात नगर ही नहीं बल्कि 200 गांव भी जुड़ेंगे।

बिजलीघर के पास उसका भवन हरगिज नहीं बनना चाहिए, क्योंकि बिजलीघर में कभी भी हादसा हो सकता है। इसकी बजाय तहसील भवन आबादी से बाहर अमरोहा नौगावां मार्ग पर बनाया जाए, यही उचित है। पुतला फूंककर जो लोग क्षेत्रीय विधायक का अपमान कर रहे हैं, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष से उनको बाहर करने की मांग की जाएगी। अधिकारी तहसील भवन की जगह का चयन कर प्रस्ताव शीघ्रता से राजस्व परिषद को भेजना सुनिश्चित करें। आज वह भी प्रशासनिक अफसरों संग जगह देखेंगे। 

मैं अभी मुंबई में हूं। तहसील भवन नगर में ही बनना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री ने उसमें ही तहसील बनाने की घोषणा की थी। अब वहां क्या चल रहा है। इसकी जानकारी नहीं हैं। अगर कोई विवाद है या विरोध हो रहा है तो मुख्यमंत्री से मिलकर उसका निस्तारण कराया जाएगा। मौलाना जावेद आब्दी, चेयरमैन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद 

जिलाध्यक्ष का मोबाइल बंद
नौगावां नगर अध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्रीय विधायक का पुतला फूंकने के मामले में क्या कार्रवाई होगी, ये जानने के लिए जब जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह यादव के मोबाइल फोन पर कॉल की तो वह बंद था।

दो दिन पहले कुछ स्वयंभू लोग एडीएम, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को बुलाकर बिजलीघर के पास तहसील के लिए जमीन देख रहे थे। तहसील बननी चाहिए, लेकिन बिजलीघर या घनी आबादी में नहीं। बिजलीघर में कभी भी हादसा हो सकता है। जनहानि हो सकती है। इसलिए जहां अधिक जगह हो, पार्किंग की व्यवस्था हो और लोग व अधिकारी अपने को सुरक्षित समझें, वहीं तहसील भवन बनना चाहिए। अशफाक अली खां, नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र विधायक
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