अमरोहा। मानकों को दरकिनार कर जिले में स्वीमिंग पूलों और जिम का संचालन किया जा रहा है। दोनों ही जगह पर कहीं भी प्रशिक्षित ट्रेनर नहीं हैं ओर न ही किसी के पास भी क्रीड़ा विभाग की अनुमति हैं। प्रशासन द्वारा अब ऐसे स्वीमिंग पूलों और जिमों पर कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के मौसम जिले में स्वीमिंग पूलों का संचालन हो रहा है। यही नहीं यहां नियमों काे ताक पर रखा जा रहा है। जिले में करीब 15 से 20 स्वीमिंग पूलों का संचालित हैं। लेकिन किसी के पास भी न तो संचालन की अनुमति है और न किसी के पास प्रशिक्षित तैराक ही हैं। अधिकांश स्वीमिंग पूलों पर फिल्ट्रेशन की सुविधा भी मौजूद नहीं है। स्वीमिंग पूलों के जरिए रोजाना बड़ी तादाद में पानी की बर्बादी होती है। यहीं स्थिति जिले में चल रहे जिम की भी है। संचालन से पहले जिमों को भी नियमानुसार सभी मानक पूरे करते हुए पंजीकरण कराना होता है। लेकिन जिले में किसी भी संचालक द्वारा जिम का पंजीकरण नहीं कराया है।
-
खेल विभाग से पूल चलाने के लिए आवेदन करना होगा। यहां निर्धारित फीस जमा करने के बाद कुछ विभागों की एनओसी लेनी होती है। इसके बाद जरूरी उपकरण लगाने के बाद स्वीमिंग पूल का संचालन किया जा सकता है।
- खेल निदेशालय से पूल का संचालन शुरू करने से पूर्व अनुमति लेनी जरूरी है।
- स्विमिंग पूल में आपातकाल स्थिति के लिए दो लाइफ जैकेट का होना जरूरी है।
- स्विमिंग पूल में दो ऑक्सीजन सिलिंडर, दो कृत्रिम सांस यंत्र भी होने चाहिए।
- पूल में फिल्टर प्लांट होना चाहिए, जो प्रत्येक दिन चार घंटे चलाया जाए।
- स्विमिंग पूल चलाने के लिए प्रशिक्षित स्विमिंग कोच होना चाहिए।
जिम संचालन के यह हैं नियम
- जिम में प्रशिक्षित पुरुष एवं महिला ट्रेनर हों।
- पुरुषों और महिलाओं के वर्क आउट का समय अलग-अलग हो।
- स्टेरॉयड अथवा किसी प्रतिबंधित मेडिसिन का इस्तेमाल न हो।
- जिम में महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम की सुविधा होनी चाहिए।
-
जिले में संचालित होने वाले स्वीमिंग पूल और जिम का पंजीकरण करने के निर्देश पहले भी दिए गए थे। फिलहाल स्वीमिंग पूल के संचालन के लिए पांच आवेदन मिले हैं। - देशकांत त्यागी, जिला क्रीड़ा अधिकारी
जिले में मानकों के विपरीत स्वीमिंग पूल और जिम का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। बिना पंजीकरण संचालन करने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व