प्रशासन ने सोमवार को जिस जमीन को आवास विकास परिषद का बताते हुए आवंटी को सौंपकर बाउंड्री का निर्माण कराया था, मंगलवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने उस जमीन को कब्रिस्तान बताया है। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब और विधि अधिकारी ने शहर के अतरासी तिराहा स्थित कदीमी खानदानी कब्रिस्तान सैफियान में कब्जे के मामले में चिंता जाहिर की है। उन्होंने जिलाधिकारी-अपर सर्वे वक्फ आयुक्त से कब्जा हटवाने की मांग की है।
बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब शहर के बिजनौर रोड स्थित अंदर चुंगी- कदीमी खानदानी कब्रिस्तान सैफियान के तौर पर पंजीकृत है, जो वक्फ बोर्ड में 5,481 संख्या के तौर पर रजिस्टर्ड है। इसके मुतवल्ली तलवार शाह नई बस्ती निवासी गुलफराज हैं। सोमवार को नायब तहसीलदार कृष्ण चौरसिया, नगर कोतवाली पुलिस, देहात पुलिस, डिडौली, नौगांवा सादात पुलिस ने मौके पर पहुंच कर खाली कराने के बाद अजीमुद्दीन को कब्जा दिलाया हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यह जमीन आवास विकास परिषद के नाम है। लगभग 330 वर्गमीटर जमीन पर कुछ लोग काबिज थे। प्रतिरोध करने पर मुतवल्ली गुलफराज और गुलनवाज समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर इन लोगों के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शोएब और विधि अधिकारी अब्दुल मोबिन खां ने डीएम को पत्र भेजकर जमीन पर हो रहे कब्जे को रुकवाने के निर्देश दिए हैं।
वक्फ बोर्ड पहले से कह रहा है कि वह उनकी संपत्ति है। नवंबर में भी प्रशासन को कब्जे के बारे में चेतावनी दी थी। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ से आदेश जारी हुआ है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। वक्फ बोर्ड की संपत्ति को खुर्द बुर्द से अवश्य बचाए। वक्फ संपत्ति पर माफिया का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से खुर्द बुर्द नहीं होने देंगे। कुंवर दानिश अली, सांसद