मौसम ने शनिवार को अचानक करवट ली। पलभर में मौसम का रुख बदल गया। भीषण गर्मी के बाद शनिवार रात आई आंधी-बारिश ने जमकर तबाही मचाई। कहीं मकान-दीवार गिरे तो कहीं पेड़ उखड़ गए। इसकी चपेट में आकर कई जख्मी हुए हैं तो पोल और विद्युत लाइन टूटने से 17 बिजलीघरों की आपूर्ति प्रभावित रही। आम उत्पादकों की उम्मीदों को भी झटका लगा है।
पेड़ों से आम टूटकर गिर पड़े, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचा है। रेलवे ट्रैक पर पेड़ और डालियां गिरने से ट्रेन संचालन भी प्रभावित हुआ है। वहीं अमरोहा में चल रही नुमाइश में बड़ा झूला गिरने से तकरीबन 50 लोग घायल हो गए। वहीं सर्कस और दुकानें तहस-नहस हो गईं।
खेतों में टमाटर, करेला, तुरई और लौकी के ठाट गिर गए। मई में अब तक आठ बार आंधी आ चुकी है। वहीं जोया क्षेत्र में आवश्यक वस्तु निगम का गोदाम ध्वस्त होने से सैकड़ों बोरी गेहूं भीग गया। इधर, बारिश ने भीषण गर्मी से निजात दिलाई है। फसलों की सिंचाई होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। रविवार सुबह तकरीबन सवा दस बजे फिर बारिश शुरू हुई, आधे घंटे बाद ही इससे राहत मिली।
गजरौला में 20 घंटे गुल रही बत्ती
आंधी बारिश ने शनिवार रात खूब तबाही मचाई। कहीं मकान की दीवार गिरी तो कहीं दुकानों व गुरुद्वारा के टीन शेड उखड़ कर हवा में उड़ गए। नेशनल हाईवे से ग्रामीण मार्गों तक जगह-जगह पेड़ धराशायी होकर गिर पड़े। करीब 20 खंभे धराशायी हुए हैं। जिससे नेशनल हाईवे से सटे नाईपुरा और टाउन टू के रेलवे लाइन पार की कालोनियों की बिजली गुल हो गई। रविवार की शाम तक लाइन ठीक नहीं हो सकी। जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नेशनल हाईवे से सटे मोहल्ला नाईपुरा में 13-14 विद्युत पोल गिर गए, जबकि टाउन टू की कालोनी औद्योगिक नगरी क्षेत्र में करीब छह पोल उखड़ गए। पोल समेत बिजली लाइन टूट कर सड़क पर आ गिरी। गनीमत रही विभाग की ओर से आंधी चलने के बाद से ही लाइन बंद कर दी गई। दूसरे दिन रविवार की शाम तक लाइन ठीक नहीं हो सकी। उधर आंधी से नाईपुरा स्थित गुरुद्वारा के कमरों पड़ा टीन शेड हवा में उड़ कर गली में जा गिरा। यहां भी हादसे के समय लोग घरों में थे। उधर कांकाठेर, खादगूजर रोड, हसनपुर रोड, धनौरा रोड समेत ग्रामीण मार्गों पर पेड़ गिरे।