मंडी धनौरा (अमरोहा)। गढ़मुक्तेश्वर निवासी साेनू व उनके पांच दोस्त कलियुग के श्रवण कुमार बने हैं। सोनू दोस्तों के साथ अपनी 93 वर्षीय दादी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से ला रहे हैं। सभी शिवरात्रि पर दादी के साथ ला रहे गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा केवल यात्रा ही नहीं है बल्कि भक्ति, आस्था और सेवा का रूप है। हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के आलमनगर गांव निवासी सोनू अपनी 93 वर्षीय दादी को कांवड़ यात्रा करा रहे हैं। कांवड़ के एक ओर सोनू ने दादी को बैठा रखा है तो दूसरी ओर दादी के वजन के मुताबिक 45 लीटर गंगाजल रखा है।
सोनू और उनके दोस्तों का जत्था रविवार दोपहर धनौरा से गुजरा। सोनू ने बताया कि 11 जुलाई को उसके दोस्त अनुराग, अजय, अमित, रविंद्र, अर्जुन व उसका भांजा अंश बात कर रहे थे। इस बीच दादी को हरिद्वार में गंगा स्नान कराने व उनको कांवड़ में पालकी बनाकर बिठाने का आइडिया आया। 12 जुलाई को वह दादी को लेकर दोस्तों के साथ हरिद्वार रवाना हो गए। दादी को हर की पौड़ी पर स्नान कराया और कांवड़ तैयार की।
कांवड़ के एक ओर दादी को बिठाया तो दूसरी ओर दादी के वजन के बराबर 45 लीटर गंगाजल एक कलश में रखा। सोनू ने बताया कि रास्ते में कई लोगों ने देखा तो वीडियो बनाने लगे। कई स्थानों पर महिलाओं ने दादी के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। कांवड़ में बैठी दादी भी पोते व दोस्तों की सेवा से बेहद अभिभूत नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसा पोता व दोस्त सभी को मिले।