अमरोहा। सोशल ऑडिट टीमों के चयन की सूची पर सेवानिवृत्त डीडीओ सरिता द्विवेदी के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में जिला समन्वयक सोशल ऑडिट अनिल सिद्धू फंस गए हैं। जांच में हस्ताक्षर उनके किए जाने की पुष्टि हुई है। कार्रवाई के लिए महालेखाकार लखनऊ को पत्र भेजा जा रहा है।
फरवरी में सोशल ऑडिट टीमों का चयन हुआ था। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होते हैं, जो ब्लॉक स्तर पर मनरेगा कार्यों का ऑडिट करते हैं। अमरोहा ब्लॉक में चयन के दौरान 40 से 45 प्रतिशत अंक पाने वालों को बाहर कर 30 से 35 प्रतिशत अंक वालों को चुनने की शिकायत गांव शेखपुर इम्मा निवासी बबली और महेंद्र सिंह ने की थी।
जांच में चयन सूची पर तत्कालीन डीडीओ सरिता द्विवेदी के फर्जी हस्ताक्षर मिले। डीडीओ ने भी स्पष्ट किया कि सूची पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। पीडी डीआरडीए अम्बरीश कुमार ने बताया कि जांच में जिला समन्वयक अनिल सिद्धू के हस्ताक्षर करने की बात सामने आई है। अब कार्रवाई के लिए महालेखाकार लखनऊ से पत्राचार किया जा रहा है।
जिले की 576 पंचायतों में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और अन्य विभागों के कार्यों का हर साल सोशल ऑडिट होता है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर टीमें गठित की जाती हैं।