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Amroha News: रोशनी पर खर्च कर दिए छह करोड़...सड़कों पर फिर भी अंधेरा

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अमरोहा। जिले के नौ नगर निकायों में स्ट्रीट लाइटों पर पिछले एक साल में करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में अब भी अंधेरा पसरा है। कहीं लाइटें बंद हैं तो कहीं टिमटिमाकर बुझ जाती हैं। ऐसे में त्योहार से पहले रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
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जिले में अमरोहा, मंडी धनौरा, बछरायूं, हसनपुर और गजरौला नगर पालिकाएं हैं, जबकि जोया, नौगावां सादात, उझारी और सैदनगली नगर पंचायतें हैं। इन निकायों में सड़कें और सार्वजनिक स्थान रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं, लेकिन रखरखाव और खराब लाइटों की मरम्मत की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिख रही है।
अमरोहा शहर में करीब दो करोड़ रुपये से एक हजार स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। इसके बावजूद अधिकांश खंभों की लाइटें बंद हैं। गजरौला में करीब 3500, हसनपुर में इसी साल 500 और मंडी धनौरा में 1340 एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। जोया नगर पंचायत में 1475 में से 200 से अधिक लाइटें खराब हैं।
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नौगावां सादात में भी 1600 से अधिक लाइटें लगाई गई हैं। इन पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने के बावजूद बड़ी संख्या में लाइटें खराब पड़ी हैं। सैदनगली, बछरायूं और उझारी की सड़कों पर भी यही स्थिति है।


त्योहार से पहले मरम्मत की दरकार
दीपावली पर बाजारों, मुख्य मार्गों और मोहल्लों में आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटों से लोगों को परेशानी हो सकती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अंधेरा रहने से रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। नगर निकायों को खराब लाइटों की जांच कराकर जल्द दुरुस्त कराने की जरूरत है, ताकि त्योहार पर सड़कों और गलियों में रोशनी रहे।

खराब स्ट्रीट लाइटों से गलियों में अंधेरा
हसनपुर नगर पालिका ने इसी साल करीब 40 लाख रुपये खर्च कर 500 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं, लेकिन रखरखाव के अभाव में कई बंद पड़ी हैं। शाम होते ही प्रमुख मार्गों और मोहल्लों की गलियों में अंधेरा छा जाता है। इससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है। अंधेरे में हादसों और चोरी की आशंका भी बनी रहती है।

गजरौला में 50 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब
गजरौला नगर पालिका के 25 वार्डों में करीब एक लाख की आबादी के लिए 3500 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इनकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से 50 से ज्यादा लाइटें खराब हैं। दीपावली नजदीक होने के बावजूद मोहल्लों में लाइटें बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

जोया में 200 स्ट्रीट लाइटें खराब
जोया नगर पंचायत क्षेत्र में लगी 1475 स्ट्रीट लाइटों में से करीब 200 खराब हैं। इससे कई मोहल्लों में रात के समय अंधेरा रहता है। एक लाइट ठीक कराने में करीब 1150 रुपये खर्च होते हैं। नगर पंचायत के विजय बाबू ने बताया कि 100 नई स्ट्रीट लाइटें खरीदने के लिए टेंडर पास हो चुका है। उम्मीद है कि आगामी त्योहार तक लाइटें मिल जाएंगी।

नौगावां में सौ स्ट्रीट लाइटें खराब
नौगावां सादात नगर पंचायत क्षेत्र में 204 हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं, जिनकी कीमत करीब 48 लाख रुपये है। इसके अलावा 1602 सिंगल एसी-डीसी लाइटों पर लगभग 79.72 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें से करीब 100 लाइटें खंभों पर लगी होने के बावजूद खराब हैं। इससे कई स्थानों पर रात में अंधेरा रहता है।

मंडी धनौरा में 18 एलईडी लाइटें खराब
मंडी धनौरा नगर पालिका ने बीते एक साल में करीब आठ लाख रुपये खर्च कर 150 एलईडी लाइटें लगवाई हैं। शहर में कुल 1340 एलईडी लाइटें लगी हैं, जिनमें से 18 खराब हैं। ईओ अवधेश वर्मा ने बताया कि लाइट खराब होने की शिकायत मिलते ही उसे ठीक कराया जाता है।
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जिन नगर निकायों में लाइट खराब हैं। वहां के संबंधित ईओ को निर्देश देकर ठीक कराया जाएगा।
-गरिमा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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