रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या व उसके परिजनों तथा अन्य लोगों पर दर्ज मुकदमों को लेकर तुर्क बिरादरी में भारी गुस्सा है। बुधवार को पाशा के तीजे के दौरान हुई पंचायत में लोगों ने फैसला लिया कि कैबिनेट मंत्री महबूब अली व उनके समर्थकों को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। 72 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर उनको गिरफ्तार नहीं किया गया तो बिरादरी सपा सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी। इस बीच लोगों ने आगामी विधानसभा चुनाव में कैबिनेट मंत्री को वोट न करने का संकल्प लिया।
फतेहपुर माफी गांव में आज सुबह हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा का तीजा था, जिसमें आस पड़ोस गांवों के हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी। प्रत्येक की जुबां पर हत्या का दर्द था। कैबिनेट मंत्री व उसके रिश्तेदारों पर अभी तक रिपोर्ट दर्ज न होने और गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजे जाने के कारण बिरादरी में गुस्सा था। इसके बाद पंचायत का आयोजन किया गया। बिरादरी के प्रत्येक व्यक्ति के निशाने पर मंत्री व उनके रिश्तेदार रहे। उनके खिलाफ वक्ताओं ने जमकर जहर उगला। साथ ही बिरादरी के लोगों से एकजुट होकर उनको सबक सिखाने की बात कही।
निर्णय लिया गया कि पाशा की हत्या में अगर 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट दर्ज कर मंत्री व उनके रिश्तेदारों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो पूरी तुर्क बिरादरी समाजवादी पार्टी सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाएगी। महबूब व उनके समर्थकों को किसी भी तुर्क बहुल गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। एक भी तुर्क महबूब को वोट नहीं देगा। उनको मंत्री पद से नहीं हटाया गया तो राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।
इस मौके पर हरेक राजनीतिक दल के नेताओं ने बिरादरी को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। इस अवसर पर पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, पूर्व विधायक मुन्ना आकिल, भाजपा नेता रामसिंह सैनी, बसपा नेता नौशाद अली इंजीनियर, नगर पंचायत चेयरमैन जोया मोहम्मद यामीन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उस्मान अली, पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह, कांग्रेसी नेता सलीम खां एडवोकेट, शमीम अहमद तुर्क, अब्दुल कलाम, अनवर, तसव्वुर हुसैन आदि नेतागण मौजूद थे।