नौ साल पुराने लूट के मामले में कोर्ट ने दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था, कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। लुटेरे ने कोर्ट में अपना जुर्म इकबाल कर लिया था।
यह घटना 15 जून 2015 को नौगांवा सादात थाना क्षेत्र में हुई थी। क्षेत्र के नौगांवा तगा निवासी विनीत कुमार गांव के ही वीरेंद्र उर्फ भूरे और उसके भाई लवकुश के साथ बिजनौर जनपद के शिवालाकलां बाजार से घर लौट रहे थे। तीनों एक बाइक पर सवार थे। जैसे ही उनकी बाइक नौगांवा थाना क्षेत्र के बीलना पुल से चंद्रकुटी की मंढैया के रास्ते पर पहुंची, तो पहले से मौजूद तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। लाठी-डंडों से मारपीट की। इस दौरान वीरेंद्र बाइक चला रहे थे। उन्होंने बाइक भागने की कोशिश की तो नहर की पटरी पर पत्थर पड़े होने के कारण बाइक फिसल गई। लिहाजा तीनों नीचे गिर गए। तभी तीनों बदमाशों में से एक ने वीरेंद्र को गोली मार दी और बाइक लूट कर भाग निकले।
मामले में पुलिस ने विनीत कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने गजरौला क्षेत्र के कसेरवा गांव निवासी जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिलहाल, वह जमानत पर जेल से बाहर था। किसी मुकदमे की सुनवाई सीजीएम ओमपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान बदमाश जीशान ने न्यायालय के सामने अपना जुर्म इकबाल कर लिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीओ कृष्ण कुमार तिवारी पैरवी कर रहे थे। शनिवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी जीशान को दोषी करार दिया और सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।