अमरोहा। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि तीन माह की होगी। बुधवार को विकास भवन में प्रशिक्षकों का चयन कर उनको स्कूलों का आवंटन कर दिया गया। एक अगस्त से स्कूलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राजकीय विद्यालयों में बालिकाओं को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षित ट्रेनर्स के माध्यम से मार्शल आर्ट यथा जूडो, ताइक्वांडो कराटे आदि द्वारा अपने जीवन कौशल का विकास किया जाएगा। आत्मरक्षा प्रशिक्षण में उपलब्ध स्थानीय संसाधन पेन, पेंसिल, हेयर पिन, क्लचर, कंघा, नेल कटर, कड़ा, अंगूठी, बेल्ट, दुपट्टा, पर्स, बैग, पानी की बोतल, मोबाइल फोन, ज्योमेट्री बॉक्स, ब्लेड, पेपर कटर, छोटा चाकू, पेपर स्प्रे, सैनिटाइजर का प्रयोग करके आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जाएंगे।
बुधवार को प्रशिक्षण के लिए विकास भवन में सीडीओ के समक्ष प्रशिक्षकों का चयन किया गया। प्रशिक्षण के लिए कुल 12 प्रशिक्षकों का चयन करते हुए उनको स्कूलों का आवंटन कर दिया गया। चयन के समय प्रशिक्षकों ने अपने कौशल का प्रदर्शन भी किया। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि एक अगस्त से राजकीय स्कूलों में प्रशिक्षण शुरू होगा जो तीन माह तक चलेगा। प्रशिक्षक 40 मिनट तक स्कूलों में प्रशिक्षण देंगे। जिसके लिए उनको मानदेय भी दिया जाएगा। इस दौरान डीआईओएस डॉ. प्रवेश कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी देशकांत त्यागी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य स्नेहलता, जिला समन्वयक समग्र शिक्षा मदनपाल सिंह भी मौजूद रहे।