हसनपुर (अमरोहा)। मंगलवार को हसनपुर सिविल कोर्ट परिसर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब एक दरोगा और अधिवक्ताओं के बीच जमकर हाथापाई हुई। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में तनाव है और पुलिस प्रशासन व बार एसोसिएशन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
गांव डगरौली निवासी अधिवक्ता मनीराम हसनपुर के सिविल कोर्ट में विधि व्यवसाय करते हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने 4 जनवरी 2026 को एक पुराने विवाद को लेकर हसनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा रामप्रकाश के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमरोहा की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। जो विचाराधीन है। इसी रंजिश के चलते मंगलवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब वह कोर्ट कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तब दरोगा ने उन्हें बरामदे में रोककर गाली-गलौज की और हाथापाई शुरू कर दी।
मनीराम का कहना है है कि जब वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, जितेंद्र सिंह सैनी और अन्य वकील बचाव के लिए आए, तो दरोगा ने पूर्व बार अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने अधिवक्ता के आरोपों को नकारते हुए बताया कि कस्बा चौकी प्रभारी हसनपुर एसआई रामप्रकाश एक पीड़िता का धारा 183 बीएनएसएस के अंतर्गत बयान दर्ज कराने की अनुमति लेकर न्यायालय से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान अधिवक्ता मनीराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर दरोगा को घेरा और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। दरोगा ने एक चेंबर में घुसकर अपनी जान बचाई, जिसके बाद मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ पंकज कुमार त्यागी ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला।