जनपद में संचालित आरटीपीसीआर लैब को दो लैब टेक्नीशियन मिल गए हैं। अभी तक टेक्नीशियन के अभाव में केवल 20 सैंपल की जांच हो पा रही थी। लैब टेक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सैंपलों का दायरा बढ़ाकर 50 कर दिया जाएगा। लैब में अभी तक 180 सैंपल की जांच की जा चुकी है। सभी का एक-एक सैंपल रिजर्व रखा गया है। कभी भी केजीएम लखनऊ से क्रॉस चेक करने के लिए सैंपल मांग सकता है।
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट स्थित लैब 30 शैय्या मैटरनिटी विंग सीएचसी की बिल्डिंग में आरटीपीसीआर नमूनों की जांच के लिए लैब स्थापित की गई है। 21 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। सात दिसंबर को बगैर लैब टेक्नीशियन के 20 कोरोना आशंकित मरीजों के नमूनों की जांच की गई। नौ दिन में 180 नमूनों की कराई जा चुकी है। लैब में जांच होने वाले सभी नमूनों का एक-एक सैंपल रिजर्व रखा गया है।
हैरत की बात यह है कि अभी लैब बगैैर लैब टेक्नीशियन केचल रही थी। सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को दो लैब टेक्नीशियन ने ज्वाइनिंग कर ली है। दोनों प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनके काम शुरू करते ही नमूनों की जांच का दायरा बढ़ाकर 50 कर दिया जाएगा। जैसे-जैसे कर्मचारी अपने काम को बखूबी अंजाम देंगे। वैसे ही जांच के लिए नमूनों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में जनपद में होने वाले सभी आरटीपीसीआर सैंपल की जांच की जाने लगेगी। वहीं एक-एक सैंपल रिजर्व रखा जा रहा है। कभी भी क्रॉस चेक करने के लिए केजीएम लखनऊ सैंपल मांगाए जा सकते हैं।