तिगरीधाम। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉलियों ने घरों का रुख किया तो सभी मार्ग भर गए। कई बार जाम के हालात बने, मगर पुलिस की रणनीति काम आ गई। तीन मार्गों से ट्रैक्टर ट्रॉली गुजारे गए। सोमवार की सुबह श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उदघोष संग पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने अपना सामान समेटा और घर का रुख कर दिया। मगर पुलिस ने श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्राॅलियों के कारण जाम न लगे, इसके लिए खासी रणनीति के तहत काम किया। लौटने वाले ट्रैक्टर ट्रॉलियों को तिगरी से गजरौला की तरफ नहीं आने दिया। उनको कांकाठेर, ओसीता जगदेवपुर और शहवाजपुर डोर की तरफ से गुजारा गया। तीनों मार्गों पर दूर-दूर तक ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन लगी रही।
जब मेले से ट्रैक्टर ट्रॉलियों की संख्या कम हुई तो उनको गजरौला की तरफ भेजा गया। जिसके चलते तिगरी से गजरौला तक उनकी लाइन लग गई। इंदिरा चौक पर जाम के हालात बन गए। यातायात को संभालने में पुलिस को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह का कहना है कि जाम न लगे, इसके लिए तीन मार्ग से ट्रैक्टर ट्रॉली गुजारे गए। तीनों मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली का दबाव कम करने के लिए तीन बजे के बाद से गजरौला की तरफ कर दिए गए। एएसपी का कहना है कि कहीं पर जाम नहीं लगा है। वाहन दौड़ रहे हैं।
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डीआईजी ने कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों से मेले की निगरानी की
तिगरीधाम। डीआईजी मुनिराज जी रविवार की रात गंगा मेले में ही ठहरे हुए थे। सोमवार की सुबह मुख्य स्नान हाेने पर डीआईजी, एसपी, एएसपी व अन्य पुलिस अफसरों ने मेले में घूम कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्नान घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम देखे। इसके बाद डीआईजी, डीएम राजेश कुमार त्यागी, एसपी कुंवर अनुपम सिंह, तिगरी गंगा मेले में बनाए गए कंट्रोल रूम में पहुंचे। यहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों से मेले की निगरानी की। सीओ श्वेताभ भास्कर से जानकारी ली कि किस सेक्टर में कहां पर क्या-क्या गतिविधियां हो रही हैं।