डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने कम राजस्व वसूली वाले विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि वसूली में तेजी लाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। लगातार वसूली कम रहने पर अधिशासी अभियंता सिंचाई से स्पष्टीकरण तलब किया। बैठक में नहीं पहुंचने पर मंडी समिति सचिव के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
वह शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व प्राप्तियों की प्रगति की समीक्षा एवं अन्य राजस्व, चकबंदी कार्यो की समीक्षा, एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की प्रगति कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कम राजस्व वसूली वाले विभागों को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन के संबंध में बार-बार शिकायत आ रही हैं। उपजिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि जनपद में कही भी खनन कि शिकायत मिली तो संबंधित एसडीएम पर जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन को गंभीरता से लिया जाए। उपजिलाधिकारी द्वारा निरंतर भ्रमण शील रहकर अपने-अपने क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगायी जाए। उन्होंने चेताया कि राजस्व वसूली में तेजी लाएं वरना कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान अनुपस्थित मंडी सचिव का वेतन रोकने व सिंचाई की वसूली लक्ष्य के सापेक्ष लगातार कम होने पर अधिशासी अभियंता सिंचाई का स्पस्टीकरण मांगे जाने के आदेश एडीएम को दिए। अगली बैठक में राजस्व वसूली में प्रगति दिखनी चाहिए। अभियान चलाकर राजस्व वसूली की जाए। बड़े बकायेदारों से प्राथमिकता के साथ वसूली कराई जाए। नीलामी कराकर कार्यवाई की जाए। इस कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि सभी उप जिला अधिकारी प्रतिदिन कोर्ट में काम करेंगे। 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामले हैं, उनको अभियान चलाकर हर हाल में निस्तारित किया जाए। धनौरा तहसील में 3 साल से पुराने मुकदमे अधिक लंबित होने पर निर्देश देते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अभियान चलाकर निस्तारण कराया जाए। अगली बैठक तक कोई भी कोर्ट केस पेंडिंग नहीं रहना चाहिए। सभी उप जिला अधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्र के तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराए। अभियान चलाकर तालाब, चारागाह, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। सरकारी जमीन में कही भी कोई कब्जा नही होना चाहिए। पैमाइश का कोई मामला लम्बित न रहे। ध्यान दिया जाए कि जाति, आय और निवास का कोई भी मामला लंबित न रहे। जनता को छोटे-छोटे कार्यो के लिए परेशान न किया जाए। बार-बार दौड़ाया ना जाए। उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पूर्वक मौके पर ही कर दिया जाए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भगवान शरण, सभी उप जिलाधिकारी, सभी तहसीलदार आदि मौजूद रहे।