अमरोहा। झील से अवैध कब्जा हटवाने के दौरान हुए पथराव-फायरिंग प्रकरण में अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। इसमें तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। लेखपाल की तरफ से सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। जबकि ग्रामीण की तरफ से हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
रविवार शाम को कानूनगो तस्लीम अहमद, लेखपाल प्रशांत कुमार और राजीव कुमार डिडौली कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर नवादा गांव में झील की पैमाइश कराने के लिए गए थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर धान की रोपाई कर दी है। अधिकारियों ने पैमाइश पूरी कर कर कब्जाधारकों से जमीन से कब्जा हटवाने के लिए कहा। इस पर कब्जा धारकों के दो गुटों ने टीम के साथ अभद्रता की। इसके बाद दोनों गुट आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ था। उपद्रवियों ने फायरिंग भी की थी। गोलीबारी होने पर राजस्व विभाग की टीम ने खेतों में छिपकर जान बचाई थी। मौके पर पहुंची डिडौली पुलिस ने हालातों को संभाला था। घटना में महिला सहित तीन लोग घायल हुए थे। जबकि पुलिस ने चार लोगों को मौके पर हिरासत में ले लिया था। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि मामले में हल्का लेखपाल प्रशांत कुमार की तहरीर पर सगे भाई रफैद्दीन, शहबुद्दीन, आलम और रफैद्दीन के बेटे उवैश के खिलाफ सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और सरकारी काम में बाधा डालने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबकि गांव के ही रहने वाले रहमत अली की तहरीर पर चोरों आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।