अमरोहा। नशीली दवाओं के कारोबार के शक में दो मेडिकल स्टोरों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में छापे के दौरान दोनों मेडिकल स्टोर द्वारा नशीली दवाओं की खरीद के मामले सामने आए थे। औषधि विभाग की और से जोया स्थित दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी जवाब न देने पर दुकान पर नोटिस चस्पा की गई थी। इसके बाद भी जवाब न देने पर सहायक आयुक्त औषधि द्वारा दोनों के पंजीकरण को निरस्त कर दिया गया है।
नशीली दवाओं के कारोबार को लेकर जिले में पहले भी कई बार कार्रवाई होती रही है। औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में औषधि विभाग व एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने बीते आठ अगस्त को रैपिड रिलीफ मेडिकोज पर छापा मार कर कोविटाडॉल 100 एसआर (ट्रामाडॉल एचसीएल) टैबलेट बरामद की थी। दवा का कोई बिल न होने के कारण टैबलेट की मार्केटिंग कंपनी पीबी लाइफ साइसेंज से इस दवा की बिक्री के बिल लिए तो इसमें अमरोहा में जोया स्थित मोहल्ला चौधरियान के केयर मेडिकोज व एएस फार्मा के नाम भी सामने आए।
कंपनी ने इन दोनों मेडिकल स्टोर को करीब एक हजार टेबलेट की बिक्री थी। ऊना के औषधि निरीक्षक ने इसकी जानकारी यहां दी थी। जिस पर औषधि निरीक्षक ने दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस रिसीव ही नहीं किया गया तो इसके बाद उन्होंने दोनों मेडिकल स्टोर पर नोटिस को चस्पा किया गया। लेकिन दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने सहायक आयुक्त औषधि मुरादाबाद से दोनों के पंजीकरण के निरस्त करने की संस्तुति की थी। इसके बाद सहायक आयुक्त औषधि अरविंद कुमार गुप्ता द्वारा भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जवाब न देने पर दोनों मेडिकल स्टोर के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं इससे पहले दोनों के जीएसटी पंजीकरण को निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
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बंद मिले थे दोनों मेडिकल स्टोर
विभाग के अनुसार केयर मेडिकोज को संचालित करने वाले गगनदीप पीरागढ़ी कैंप, शकूरबस्ती उत्तर पश्चिम दिल्ली का निवासी हैं। जबकि एएस फार्मा के संचालक आदित्य कुमार गिरी महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के पनवेल के रहने वाले दर्शाए गए हैं। बताया जाता है कि पिछले दिनों दिल्ली की टीम ने भी छापा मारा था। औषधि निरीक्षक ने बताया कि भवन स्वामी के अनुसार पिछले कई माह से उक्त दोनों मेडिकल बंद चल रहे थे।
हसनपुर के बिजोरा स्थित यश फार्मा को भी जारी हो चुका है नोटिस
औषधि निरीक्षक के मुताबिक बीते 22 नवंबर को अंबाला में नारकोटिक्स सेल टीम ने वहां मैसर्स ट्राइडेंट ड्रग्स पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान वहां से जिले के हसनपुर क्षेत्र के बिजोरा स्थित दयावली खालसा के यश फार्मा को करना पाया गया। अलग-अलग बैच के स्पासमेड ब्राउन व स्पासमेड ब्लू कैप्सूल 11 नवंबर को बिलिंग होना पाया गया। करीब चार लाख रुपये की कीमत के कैप्सूल यश फार्मा को बिलिंग हुए थे। जानकारी मिलने पर औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी किया गया है।