स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय बनाने के लिए लाभार्थियों के खाते में आई रकम को प्रथमा बैंक कर्मचारियों ने खेल कर उनके ऋण खाते में जमा कर दिया। मामला पंचायतराज मंत्री तक पहुंचा तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। डीपीआरओ ने बैंक मैनेजर से बात कर पैसा वापस करने की वकालत की तो प्रबंधक ने दोनों ग्रामीणों की रकम खाते में वापस भेजने की बात कह पल्ला झाड़ लिया लेकिन बुधवार को लाभार्थी पैसा लेने पहुंचे तो मैनेजर ने पैसा न मिलने का हवाला देकर जाने को कह दिया।
केंद्र सरकार की अति महत्वपूर्ण अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव शौचालय बनवाए जा रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए धनराशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जा रही है। हरेक पात्र को दो किस्तों में 12 हजार की धनराशि दी जा रही है जिसमें ढबारसी ग्राम पंचायत निवासी राजवीर और विमला के खाते में भी शौचालय निर्माण की रकम भेजी गई लेकिन बैंक अधिकारी व कर्मचारियों ने इसमें खेल कर दिया। बिना पूछे ही शौचालय निर्माण के लिए आई रकम को उनके ऋण खाते में जमा कर दिया। मामला प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने डीपीआरओ को तत्काल बैंक कर्मचारियों से बात कर लाभार्थियों का पैसा लौटाने के निर्देश दिए लेकिन बैंक प्रबंधक ने रकम लौटाने से इंकार कर दिया।