जनपद में आचार संहिता का जमकर उल्लंघन हो रहा है। इस बार चुनावी लाभ के लिए राशन कार्ड को हथियार बनाया गया है। इस संबंध में नौशाद अली ने चुनाव आयोग से शिकायत की है।
आरोप लगाया कि, सत्ता पक्ष के इशारे पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तमाम पात्रों के कार्ड जोड़े जा रहे हैं तो विरोधियों के कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। वहीं राशन कार्डों को मन चाही दुकानों से जोड़ने का भी खेल चल रहा है। 22 जनवरी से 24 जनवरी के तीन दिन में ही सैकड़ों लाभार्थियों के दुकानों में परिवर्तन किए गए हैं। इस पर पूर्ति निरीक्षक पर भी सवाल खड़ा किया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जिला पूर्ति विभाग की ओर से गोपनीय तरीके से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता सूची तैयार की जा रही है, जबकि जानकारों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के दौरान इस कार्य में भी रोक होनी चाहिए। सूची के मुताबिक 22 जनवरी तक डीलर अवनीश के यहां 411 राशन कार्ड और 1327 लाभार्थी थे।
24 जनवरी को उनके पास 392 राशन कार्ड कर दिए गए, हालांकि लाभार्थियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसी तरह डीलर गुलशन परवीन के पास 22 जनवरी तक राशन कार्ड 501 थे। 24 जनवरी को यह कार्ड बढ़कर 516 हो गए। लाभार्थी की संख्या 22 जनवरी को 2260 थी, जबकि 24 को 2306 दशाई गई।
22 जनवरी में राशन विक्रेता हरि नरायन के 401 राशन कार्ड, इंद्र प्रकाश के 525, जमाल बेग के 559, जोहर सुल्तान के 389 राशन कार्ड थे। दो दिन के भीतर ही इनमें कटौती की गई। हरि नरायन के पास 382, इंद्र प्रकाश के पास 512, जमाल बेगम के पास 541 सुल्तान जौहर के पास 369 राशन कार्ड रह गए।
इसके अलावा राशन विक्रेता महबूबा खातून के 242 राशन कार्ड से बढ़ाकर 265, मो. हनीफ के 151 से बढ़ाकर 233, राजीव कुमार के 564 राशन कार्ड से बढ़ाकर 701 कर दिए हैं। राधा , राधेलाल, सरफराज, जफीर, मो. कमाल, मो. हदीस, महफूज अहमद आदि के राशन कार्डों की संख्या में कटौती की गई है। हैरान कर देने वाली बात सिर्फ एक ही है। ये फेरबदल 22 से 24 जनवरी के बीच की गई है। ऐसा मसला सामने आने के बाद शहरियों ने पूर्ति निरीक्षक जोगेंद्र सिंह की शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त से की है।
बसपा प्रत्याशी ने पूर्ति निरीक्षक को तबादला होने के बाद भी रिलीव नहीं करने का आरोप लगाया है, उसकी जांच की जा रही है। राशन कार्ड से संबंधित मामले को भी देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई गलत कार्ड जारी करने का मामला पकड़ में नहीं आया है। महमूद आलम अंसारी, अपर जिलाधिकारी अमरोहा