मंडी धनौरा। सेंचुरी क्षेत्र में स्थित भूमि को आबादी में कराने के लिए गलत रिपोर्ट देने पर वन क्षेत्राधिकारी का एसडीएम ने स्पष्टीकरण तलब किया है। मामला वन विभाग के अधिकारियों के भी संज्ञान में है।
क्षेत्र के गांव टोकरा पट्टी में नरदेव सिंह ने कृषि भूमि की धारा 80 कराने के लिए एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया था। कृषि भूमि को आबादी में घोषित कराने के लिए धारा 80 के तहत एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है। वाद दायर होने पर एसडीएम कोर्ट ने वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय से सेंचुरी में होने की रिपोर्ट तलब की थी। गांव के ही एक व्यक्ति ने एसडीएम कोर्ट में आपत्ति दायर कर इस भूमि को सेंचुरी में होने की बात कही थी। एसडीएम ने इस भूमि को सेंचुरी से बाहर होने की रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध करा दी। रेंजर की एनओसी मिलने पर एसडीएम ने भूमि की श्रेणी बदलने का आदेश कर दिया। सेंचुरी में होने के बाद भी श्रेणी बदलने पर शिकायतकर्ता ने इस पर एसडीएम कोर्ट में आपत्ति दर्ज करा दी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि यह भूमि सेंचुरी क्षेत्र में है और उसकी धारा 80 नहीं की जा सकती है। एसडीएम ने रेंजर से दोबारा से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की। वन क्षेत्राधिकारी अवनीश क़ुमार ने इस भूमि को सेंचुरी में बताते हुए भूलवश रिपोर्ट देने की बात स्वीकार की। रेंजर की इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम शैलेश कुमार दुबे ने इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए रेंजर का स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएफओ राजीव कुमार ने इसे रेंजर की बेहद लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की बात कही है। दूसरी ओर इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया है।