गजरौला। श्रीरामलीला प्रबंध समिति की ओर से 98वां रामलीला महोत्सव का आगाज 20 सितंबर से होगा जो तीन अक्तूबर तक चलेगी। प्रबंध समिति रामलीला मंचन को भव्यता प्रदान करने के लिए वृंदावन के कलाकार बुलाएगी। दो साल बाद महोत्सव की स्वर्ण जयंती मनाई जाएगी।
समिति के अध्यक्ष राम प्रकाश गर्ग, महामंत्री विपिन कौशिक व विशेष आमंत्रित सदस्य ईशान अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव अवंतिका पार्क में मनाया जाएगा। इसका शुभारंभ 20 सितंबर को झंडा पूजन के साथ होगा। महोत्सव में भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन आदर्श गोविंद बिहारी रामलीला रासलीला व श्रीमद्भागवत कथा संस्था श्रीधाम वृंदावन के कलाकार करेंगे। 21 सितंबर को सुंदरकांड, 22 को गणेश पूजन, नारद माेह विश्व मोहिनी के स्वयंवर, 23 को श्रीराम जन्म, सीता जन्म, ताड़का व सुबाहु के वध की लीला का मंचन किया जाएगा। 24 सितंबर को पुष्प वाटिका, सीता स्वयंवर, रावण व वाणासुर संवाद, धनुष भंग, परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन होगा और 25 सितंबर को श्रीराम बरात निकाली जाएगी। 26 को श्रीराम वनवास, श्रीराम व केवट का संवाद, 27 को दशरथ मरण, राम व भरत का मिलाप, 28 को सीता हरण, खर दूषण वध, शबरी के आश्रम में भगवान श्रीराम व लक्ष्मण का जाना, 29 को भगवान श्रीराम व सुग्रीव की मित्रता, हनुमान का लंका प्रस्थान, अशोक वाटिका को उजाड़ने व लंका दहन की लीला का मंचन किया जाएगा।
30 सितंबर को विभीषण का राम की शरण में आना, रामेश्वरम की स्थापना करना, अंगद का रावण के दरबार में पैर जमा कर खड़ा होना। एक अक्तूबर को मेघनाद व लक्ष्मण के बीच युद्ध, लक्ष्मण मूर्छा, हनुमान जी द्वारा संजीवनी लाने की लीला दिखाई जाएगी। दो अक्तूबर को कुंभकर्ण, मेघनाद वध, सुलोचना सती, रावण वध की लीला का मंचन करने के साथ ही विजय दशमी मनाई जाएगी। अगले दिन तीन अक्तूबर को भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक व रासलीला का मंचन किया जाएगा।