अमरोहा। मौसम की मार का असर गेहूं के उत्पादन पर दिख रहा है। आंधी-बारिश से प्रभावित गेहूं की मोटाई औसत से कम आ रही है। इससे जिले में गेहूं में बीस से तीस फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
प्रति बीघा में दो से ढाई क्विंटल गेहूं निकल रहा है, जबकि तीन से सवा तीन क्विंटल प्रति बीघा गेहूूं की औसत पैदावार होनी चाहिए। दूसरी और गेहूं का दाना भी पतला निकल रहा है, जो खरीद के मानकों पर रखा नहीं उतर रहा है। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंडी में पतले दाने वाले गेहूं के दाम कम लग रहे हैं। इसने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है।
गत वर्ष मौसम की मार से अन्नदाता उबर भी नहीं पाया था कि इस साल मार्च में आंधी-बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। फसल खेतों में बिछने से जो डर पैदा हुआ था, अब गहाई के बाद सही साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि, अप्रैल में अचानक तापमान में तेजी आने के कारण भी गेहूं का दाना मोटा नहीं हो पाया है। इससे उत्पादन प्रभावित हो गया है। कृषि विभाग के सर्वे के मुताबिक, जनपद में दो से ढाई क्विंटल प्रति बीघा की दर से गेहूं निकल रहा है, जबकि औसत पैदावार तीन से साढ़े तीन क्विंटल होती है। अभी तक की गहाई के नतीजों से पता चलता है कि, बीस से लेकर तीस फीसदी गेहूं के उत्पादन में गिरावट आई है।
दाना पतला-नमी अधिक, कैसे हो गेहूं खरीद ः गेहूं का उत्पादन जहां कम रहा है।
वहीं गेहूं का पतला दाना और नमी भी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। गेहूं खरीद के मानकों में अभी तक शासन की ओर से कोई छूट नहीं दी गई है। इससे किसान चिंतित हैं। गेहूं के मानकों पर खरा न उतरने से क्रय केंद्र प्रभारी लौटा रहे हैं। किसानों को कम दामों पर गेहूं को बेचना पड़ रहा है।
आंकड़े एक नजर में
प्रति बीघा 3 क्विंटल उत्पादन का था अनुमान a पूरे जिले में 92.150 हेक्टेयर में बोया गया था गेहूं a 39 लाख क्विंटल गेहूं उत्पादन का अनुमान था
यह पैदावार
प्रति बीघा में 2 से ढाई क्विंटल प्रति बीघा a जिले में 80000 से 1,00000 क्विंटल उत्पादन घटा a 38, 00000 क्विंटल के लगभग होगा गेहूं उत्पादन