अमरोहा के जोया में सोतनदी पर बनाए गए मकान
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अमरोहा। नदी बचाओ अभियान के तहत अमरोहा में सोत नदी को पुनर्जीवित करने को छेड़ी गई कवायद पूर्ण नहीं हो सकी है। प्रशासन की उदासीनता के चलते सोत नदी खुदाई का कार्य अधर में लटका हुआ है। खुदाई पर 45 लाख की रकम खर्च हो चुकी है। बावजूद इसके खुदाई कार्य को पूरा नहीं कराया गया है। खुदाई कार्य में बाधा बने अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलाने में प्रशासन के हांथ कांप रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक ही सीमित है। सोत नदी को आज भी अपना वजूद बचाने के लिए किसी भागीरथ का इंतजार है।
अमरोहा शहर को पानी की समस्या से निजात दिलाने और विलुप्त हो चुकी सोत नदी को पुनर्जीवित करने की कवायद चलाई गई थी। सोत नदी की खुदाई कराने में अमर उजाला की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इस अभियान को प्रमुखता से उठाया गया था। नदी बचाओ अभियान के तहत वर्ष 2014 में तत्कालीन डीएम कंचन वर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए सोत नदी की खुदाई को कार्य योजना बनवाई थी। जिन क्षेत्रों में नदी बहती थी उन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया था।
चौदह किलोमीटर क्षेत्र में नदी की खुदाई कराई जानी थी। इसमें 11 किलोमीटर ही खुदाई कराई जा सकी है। नदी खुदाई पर 45 लाख रुपये की धनराशि खर्च हो चुकी है। तीन किलोमीटर नदी की खुदाई अधर में लटकी हुई है। नदी खुदाई के रास्तेे पर अवैध निर्माण के चलते खुदाई नहीं कराई जा सकी है। जोया में सोत नदी के रास्ते पर अवैध मकान और दुकानों के भवन खड़े हैं। कभी यहां 22 मीटर चौड़ाई में नदी बहती थी आज वह रास्ता सिमट कर मात्र दो मीटर रह गया है।