अमरोहा। कोरोना काल में बंद पड़े प्राइमरी स्कूल सोमवार को खुल गए हैं। साल भर बाद खुले स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से रौनक लौट आई है। शिक्षकों ने स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं का भव्य स्वागत फूल मालाओं से किया। शिक्षकों ने बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की और हैंड सेनिटाइज कराए। अधिक बच्चों की संख्या वाले स्कूलों में कक्षा एक और पांचवीं के बच्चों को पढ़ाया गया जबकि दूसरी क्लासों के लिए अन्य दिन चिह्नित किए गए हैं। बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचने की तरीके बताए गए। स्कूल खुलने के साथ ही पढ़ाई भी अपने ट्रैक पर लौट आई है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 14 मार्च 2020 से प्रदेश सरकार ने सभी स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए थे। हालात सुधरने के साथ सरकार ने पहले पीजी कालेज खोले और बाद में कक्षा नौ से बारह तक के स्कूल खोलने की अनुमति दी। इसके बाद दस फरवरी से कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल खोल दिए गए थे। करीब 11 माह के बाद सोमवार को कक्षा एक से पांचवीं तक के सभी स्कूल खुल गए हैं। सुबह नौ बजते ही स्कूलों में चहल-पहल शुरू हो गई। स्कूल पहुंचे बच्चों का शिक्षकों और स्कूल प्रबंध समितियों ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। अधिकतर स्कूल रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजे हुए थे। स्कूल के मुख्य गेट पर शिक्षकों ने बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की और हाथ सैनिटाइज कराए गए। बच्चों को मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने का पाठ पढ़ाया गया। भव्य स्वागत को देखकर बच्चे भी भौचक्के रह गए। इसके बाद बच्चे क्लासों में पहुंचे। पहले दिन शिक्षकों ने बच्चों की दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए खेल-कूद, पेंटिंग या अन्य एक्टिविटी कराईं। क्लास रूम भी काफी खुला-खुला नजर आया। पहले जहां एक डेस्क-बेंच पर चार-चार बच्चे बैठे नजर आ रहे थे। वहीं बदली हुई परिस्थितियों में एक बेंच पर दो ही बच्चा बैठे दिखे। एक इस कोने पर तो दूसरा विद्यार्थी दूसरे कोने पर बैठा हुआ था। क्लास रूम में प्रवेश करते हुए पढ़ाई शुरू हो गई। पहले दिन कुछ विद्यालयों में बच्चों को कोविड-19 के बचाव संबंधी जानकारी दी गई। लंबे समय बाद स्कूल का घंटा बजा और पढ़ाई होने से बच्चे भी काफी खुश दिखे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि स्कूल खुलने के पहले दिन 60 से 70 फीसदी बच्चों की उपस्थिति रही है।