हसनपुर चीनी मिल प्रशासन द्वारा डीएम की गाड़ी के पूर्व चालक की सेवा समाप्त करने के बाद उससे सरकारी आवास खाली कराने की तैैयारी शुरू कर दी गई है। डीएम पहले ही उसके आवास का आवंटन रद्द कर चुके हैं। वहीं आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम जांच कर रही है।
मालूम रहे कि हसनपुर क्षेत्र के शेखूपुर झकड़ी गांव निवासी सोमपाल सिंह की मूल तैनाती हसनपुर चीनी मिल में अर्दली/कार्यवाहक वाहन चालक के पद पर कार्यरत थी। वर्ष 1997 में उसको कलक्ट्रेट से संबद्ध किया गया था। एडीएम के बाद डीएम के चालक की जिम्मेदारी उसको मिल गई थी। विभिन्न तरह की शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन डीएम नवनीत सिंह चहल ने उसे चालक के पद से हटा दिया था। इसके बाद एक बैंक के पूर्व प्रबंधक अश्वनी कुमार ने वर्ष 2019 में मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि चालक सोमपाल ने सरकारी नौकरी से प्राप्त वेतन के अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित की है। इस प्रकरण की जांच तत्कालीन एसडीएम इंद्रनंदन सिंह ने की थी। जिसमें शिकायत में लगे आरोपों को सही पाए गए। लिहाजा एसडीएम ने मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। प्रकरण को गंभीरता से लेकर डीएम ने चीनी मिल के अफसरों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी थी। जिसके बाद चीनी मिल प्रशासन ने उप मुख्य रसायनविद् एसके सिंह से मामले की जांच कराई थी। उप मुख्य रसायनविद् ने अपनी जांच रिपोर्ट 24 जनवरी 2022 को अधिकारियों को सौंपी और बताया कि अर्दली/कार्यवाहक वाहन चालक सोमपाल सिंह बिना सूचना व बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित चल रहा है। बार-बार कार्य पर उपस्थित होने के लिए नोटिस देने पर भी वह हाजिर नहीं हुआ है और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया है। आय से अधिक अचल संपत्ति अर्जित करने और निलंबन काल में सात अक्तूबर 2020 से वर्तमान समय 24 जनवरी 2022 तक उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति दर्ज न करने के कृत्य का प्रत्यक्ष रूप से दोषी है। जिसके बाद चीनी मिल प्रशासन ने सोमपाल की सेवाएं समाप्त कर दी। ऐसे में सोमपाल सिंह ऑफिसर्स कॉलोनी में सरकारी आवास में रहते हैं। जबकि डीएम के द्वारा उनके आवास का आवंटन रद्द किया जा चुका है। अब सोमपाल की सेवा समाप्ति के बाद उससे आवास खाली कराया जाएगा। उधर आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो जांच लखनऊ से मुरादाबाद टीम के पास पहुंच गई है।
सोमपाल के सरकारी आवास का आवंटन पहले की रद्द किया जा चुका है। हसनपुर चीनी मिल से उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। ऐसे में सरकारी आवास में रहने का कोई औचित्य ही नहीं बचा हैं। अगर उन्होंने आवास खाली नहीं किया है तो खाली कराया जाएगा।-बीके त्रिपाठी डीएम