इस तरह चरमराई आपूर्ति व्यवस्था पर सोमवार को कालाखेड़ा के ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। नाराज ग्रामीण बिजलीघर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। वहीं बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एसडीओ का घेराव कर लिया।
एसडीओ होपेंद्र का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक माह पूर्व कालाखेड़ा फीडर व हैबतपुर फीडर को अलग-अलग किया गया था। तब से गांव कालाखेड़ा को 24 घंटे में मात्र पांच से दस मिनट बिजली मिल रही है। जिसकी शिकायत पहले भी ग्रामीणों ने की है, लेकिन कोई सुधार नही हुआ।
इस दौरान ग्रामीणों की एसडीओ से नोकझोंक भी हो गई। हंगामा बढ़ता देख एसडीओ ने बिजली आपूर्ती में सुधार कराने का हवाला देकर ग्रामीणों को शांत किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान हाफीज नूर मोहम्मद, नदीम, शब्बू, फहीम, प्रताप सिंह, मोहम्मद नवी, फिरोज, फरीद, अख्तर, तालिव, तौकीर, वसीम आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
उधर, सोमवार को ढबारसी बिजलीघर से जुड़े तिगरीया नादिरशाह, ओगारपुर, कोकापुर, कोकापुर की मढैयां, सौंधन, खड़करानी, शेरगढ सहित एक दर्जन गांव के किसान एकत्र होकर बिजली घर पहुंच गए। यहां पर तैनात जेई मोमराज सिंह का किसानों ने घेराव कर लिया।
आरोप लगाया कि तीन महीने से क्षेत्र की लाइन जर्जर होने के कारण नहीं चल पा रही है। इस कारण गांवों को 24 घंटे में मात्र एक घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जेई ने ग्रामीणों को सात दिन जर्जर तारों की मरम्मत कराने का आश्वाशन दिया है। इस मौके पर लवकुश प्रधान, नरेश, सुखवीर सिंह, सुनील, रातपाल, राजीव, टीटू आदि किसान मौजूद रहे।