आतिशबाजी की फैक्ट्री में छह दिन पूर्व धमाके के साथ लगी आग में झुलसी मूक बधिर मुमताज पुत्री इसरार ने मुरादाबाद के टीएमयू में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिजनों के साथ ही मोहल्ले में कोहराम मच गया।
शहर के दानिशमंदान मोहल्ले में मुनव्वर के आतिशबाजी के कारखाने में मंगलवार की सुबह तेज धमाके के साथ भयानक आग लग गई थी। आग लग जाने से इसमें फैक्ट्री में काम करने वाले मां-बेटी समेत आठ झुलस गए थे। सभी को मुरादाबाद के टीएमयू में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान शाम को फातिमा बेगम (40) पत्नी लियाकत, इकरा (20) पुत्री जमील, सुहाना (डेढ़ वर्ष) पुत्री सिकंदर, चंदो उर्फ चांदनी पत्नी सिकंदर ने दम तोड़ दिया था।
अगले दिन मुन्नी पुत्री तजमुल उर्फ ताजुद्दीन की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। दानिशमंदान मोहल्ला निवासी इसरार की 22 वर्षीय बेटी मूक बधिक मुमताज मुरादाबाद में जिंदगी मौत के बीच झूल रही थी। घटना के छठे दिन मुमताज ने मुरादाबाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सात बहनों में मुमताज दूसरे नंबर की थी।
मूूक व बधिर होने के बाद भी वह काफी होनहार थी। परिवार के लोग उस पर नाज करते थे। मौत की खबर सुन परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। मंगलवार को मृतका का शव घर आएगा। लाड़ली बेटी की मौत पर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
पटाखों की दुकानों पर चेकिंग
अमरोहा। दानिशमंदान में छह दिन पूर्व आतिशबाजी के कारखाने में लगी आग के बाद पुलिस व प्रशासन की आंख खुली हैं। सोमवार की शाम एसडीएम सदर प्रवीणा व सीओ सिटी शील कुमार ने शहर में चल रहीं आतिशबाजी की दुकानों पर चेकिंग की।
शफातपोता में नसीर व वली अहमद की दुकान तथा दानिशमंदान मोहल्ले में नईम की दुकान चेक की। एसडीएम व सीओ को चेकिंग में खासी खामी मिली। पटाखों के डिब्बों पर वजन आदि गलत लिखा था। सीओ सिटी ने बताया कि आबादी के बीच चल रहीं दुकान खतरनाक हैं।इनको बाहर करने के लिए शासन को लिखेंगे।