जनपद में सपा परिवार की रार ने नया गुल खिला दिया है, जिसके चलते पार्टी द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशियों की विधानसभा चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। हरेक की राहों में अपनों की काट के कांटे बिछे हैं। टिकटों के बंटवारे में एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए जो जोर आजमाइश हुई, उससे एक गुट तो खुश हो गया है, मगर दूसरे में बेहद नाराजगी है। अभी के हालातों को देखकर लग रहा है कि सपा उम्मीदवारों को चुनाव में अपनों को मनाने के लिए हर तरकीब भिड़ानी पड़ेगी।
राजनीतिक गलियारों में अमरोहा का नाम बड़ी ही शान से लिया जाता है। प्रदेश की सियासत में अलग ही छाप जिले ने छोड़ी है। यहां से दो कैबिनेट मंत्री, एक एमएलसी, दो विधायक, दो दर्जा राज्यमंत्री व एक जिला पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के हैं। कहा जाए तो पूरा परिवार ही सरकार का है, लेकिन रसूख की लड़ाई उसमें मची है। हर कोई अपने को बड़ा साबित करने की कोशिश करता है। अब चाहें एक दूसरे की बुराई से हो या फिर टांग खिंचाई से। नजारा खुलेआम दिखता है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी परिषद चेयरमैन मौलाना जावेद आब्दी अपने कार्यक्रम में विकास कार्यों को गिनाते हैं तो टारगेट नौगावां विस क्षेत्र के विधायक अशफाक अली को बना लेते हैं। अंदरखाने कैबिनेट मंत्री महबूब अली भी नाराज थे।शौकत हत्याकांड को लेकर तुर्क बिरादरी भड़की है, जिसने कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। चूंकि मसला मंत्री के खिलाफ था, ऐसे में भला पूर्व मंत्री चौ.चंद्रपाल सिंह कैसे चुप रह जाते। पूर्व मंत्री गांव में गए।
मौजूदा समय में जो जनपद के सपा परिवार की तस्वीर खींची है, वह दो धड़ों में हैं। एक में आब्दी, कैबिनेट मंत्री महबूब अली, एमएलसी परवेज अली व सपा जिलाध्यक्ष हैं तो दूसरे में कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर, विधायक अशफाक अली, पूर्व मंत्री चंद्रपाल व जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। टिकटों के बंटवारे में महबूब पक्ष मजबूत दिखा है, जिससे दूसरा निराश है।
यही निराशा चुनाव में दिखी तो सपा को नुकसान होना पक्का है। नौगावां विस सीट से पार्टी ने हाजी इकरार अंसारी को प्रत्याशी बनाया है, जो आब्दी और महबूब के करीबी हैं। उर्वशी के टिकट की पैरवी भी कैबिनेट मंत्री महबूब अली कर रहे थे। टिकट तो मिल गया लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान से उनकी जीत की राह कांटों भरी है।