अमरोहा। शिकारी के फंदे में तेंदुए के फंसने के मामले में वन विभाग के अफसरों ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोप है कि तेंदुए का शिकार करने के उद्देश्य से फंदा लगाया गया था। वन विभाग ने दो नामजद और उनके अन्य साथी शिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
देहात थानाक्षेत्र के बारसपुर गांव के जंगल में किसी शिकारी ने फंदा लगाया गया था। इस फंदे में 30 नवंबर की कर रात किसी समय तेंदुए का पैर फंस गया था। एक दिसंबर को सुबह जब ग्रामीण खेत पर काम करने के लिए निकले तो उन्होंने तेंदुए को बैठा देखा। तेंदुए को देखकर लोगों में दहशत फैल गई, लेकिन जैसे ही तेंदुए ने छलांग लगाई तो वह वहीं गिर पड़ा।
ग्रामीणों ने देखा कि तेंदुए का पैर फंदे में फंसा था। लोगों ने तेंदुए की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी। सूचना मिलने पर वन विभाग के एसडीओ अजय पांडे, वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार, शीशपाल बिष्ट, वन दारोगा राजीव कुमार, केपी सिंह और राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को फंदे से निकाल कर पिंजरे में बंद किया था। इसके बाद बिजनौर जनपद के के अमानगढ़ स्थित टाइगर रिजर्व में छुड़वा दिया था।
डीएफओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि प्रकरण में गहनता से छानबीन की गई तो सामने आया कि तेंदुए का शिकार करने के उद्देश्य से फंदा लगाया गया था। आरोपियों की लोकेशन भी वहीं की पाई गई थी, जहां तेंदुए का पंजा फंसा हुआ था। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में निजामपुर सैंदरी निवासी संजय, सोनाराम और उनके अन्य साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। जल्द की गिरफ्तार कर लिया जाएगा।