गर्मी का मौसम आते ही लोग बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। जिले के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर मरीजों को खून की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। जबकि, कई को अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन, आलम यह है कि जिला अस्पताल में न तो खून की रिपोर्ट समय से मिल पा रही है और न ही अल्ट्रासाउंड समय से हो पा रहे है। जिला अस्पताल में खून की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। एक सप्ताह पहले जहां 100 से 150 मरीजों की खून की जांच हो रही थी। अब इनकी संख्या 250 के करीब पहुंच गई है। वहीं, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने के लिए भी लोगों को दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में मौसम में परिवर्तन होने के कारण मलेरिया, टायफायड, डेंगू की जांच कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है।जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक हजार से ज्यादा ओपीडी रही। इसमें 50 प्रतिशत मरीज बुखार के थे। बाल चिकित्सक कक्ष में भी भीड़ रही। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। साथ ही बच्चों को बुखार चढ़ उतर रहा है। ऐसे बच्चों को दवाई खिलानी न छोड़ें और बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं।
250 मरीजों ने कराईं खून की जांच
जुकाम और बुखार बढ़ने के कारण शुक्रवार को 250 मरीजों की खून की जांच कराई है। इसमें कई मरीज टायफायड और कई मलेरिया के मिले हैं। जिनकी चिकित्सकों ने दवाई शुरू करा दी है। वहीं, कई मरीजों की थायरॉइड और वीटामिन डी-3 की भी जांच हुई है।
- जिला अस्पताल में गर्मी के मौसम के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिनको दवाई दी जा रही है। वहीं, मरीजों की जांच भी कराई जा रही है। वहीं, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की समस्या का समाधान कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया है, जल्द ही समाधान होने की संभावना है।
- डॉ. अश्वनी भंडारी, कार्यवाहक, सीएमएस