रेलवे स्टेशन पर गजरौला-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन के आने की सूचना गलत प्रसारित होने से यात्रियों में असमंजस की स्थिति बन गई। यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर आनी थी, लेकिन दो पर आने का एनाउंस कर दिया गया। इसके बाद कई यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए ट्रैक पर पहुंच गए। वहीं, कुछ यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर प्लेटफार्म दो पर जाने लगे।
जिम्मेदारों की इस लापरवाही के संबंध में रेल सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य ने डीआरएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सदस्य मंडल रेल सलाहकार समिति सुधीर पाठक ने डीआरएम को शिकायतीपत्र भेजा है। इसमें बताया कि वह सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अमरोहा के रेलवे स्टेशन पर गजरौला-अलीगढ़ पैसेंजर (54392) के इंतजार में खड़े थे। इसी बीच स्टेशन मास्टर ने घोषणा के दौरान कहा कि ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच रही हैं, जिसके बाद सभी यात्री रेलवे लाइन क्रॉस करते हुए प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच गए। लेकिन, ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर ही पहुंच गई।
जिसमें बैठने के लिए यात्रियों में असमंजस की स्थिति बन गई। इसके बाद तुरंत प्लेटफार्म दो से सभी यात्री एक पर पहुंचे। इसी बीच मुरादाबाद की ओर से दूसरी ट्रेन आ गई, जिसे देखकर यात्रियों में चींखपुकार मच गई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। आरोप है कि इस संबंध में जब स्टेशन मास्टर से जाकर शिकायत की तो उन्होंने गलती मानने की बजाया घोषणा होने वाली बात को नकार दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर से घटनाओं के प्रति गंभीर रुख नहीं अपनाए जाने से कर्मचारियों में लापरवाही की बढ़ती जा रही है।
स्टेशन अधीक्षक राम प्रसाद मीना ने बताया कि अलीगढ़-गजरौला पैसेंजर के आने के दौरान अन्य ट्रेन भी लेट आई थी, अन्य ट्रेन की घोषणा के दौरान गलती से प्लेटफार्म नंबर गलत बोल दिया गया था लेकिन, तुरंत ही यात्रियों को गलती स्वीकार करते हुए सही प्लेटफार्म बता दिया गया था।