मंडी धनौरा। क्षेत्र के एक गांव में किशोरी से दुष्कर्म के मामले को पंचायत के जरिए दबाने का आरोप लगा है। पंचायत ने किशोरी के परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये दिलाने का फरमान सुनाया। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गांव निवासी युवक का अनुसूचित जाति की किशोरी से प्रेम प्रसंग था। बीते बुधवार को वह किशोरी को खेत पर ले गया, जहां दोनों को गांव के दो युवकों ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया। दोनों युवक उनके कपड़े लेकर भाग गए। बाद में युवक के फोन करने पर करीब आधे घंटे बाद कपड़े वापस कर दिए। घटना की जानकारी गांव में फैलने पर मामला तूल पकड़ गया।
आरोप है कि अगले दिन पंचायत बैठी और युवक के परिजनों को किशोरी के परिवार को साढ़े तीन लाख रुपये देने का फैसला सुनाया गया। बदनामी के डर से किशोरी के परिजनों ने भी इसे मान लिया। आरोप है कि पंचायत ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए समझौता करा दिया। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं।
प्रभारी निरीक्षक जीतेंद्र बालियान ने बताया कि मामला जानकारी में है। पीड़िता की ओर से तहरीर देने को कोई तैयार नहीं है।
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घटना की जानकारी नहीं है। थाना पुलिस से घटना की जानकारी की जा रही है। पीड़िता के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। तहरीर मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अंजलि कटारिया, सीओ धनौरा