औषधि निरीक्षक ने सैदनगली स्थित ओम मेडिकल स्टोर पर छापामारी करते हुए एक लाख से अधिक कीमत की प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन वायल बरामद की। ऑक्सीटोसिन की वायल दस, एमएल, बीस एमएल में भारी संख्या में बरामद हुई हैं। वायल पर लेबल चस्पा नहीं था। छापामार टीम ने प्रतिबंधित दवा का जब्त कर लिया है।
ऑक्सीटोसिन के सैंपल लेकर जांच को लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ ड्रग्स कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। ड्रग्स एक्ट, एनीमल एक्ट के तहत इस मामले में बड़ी कार्रवाई होगी। उम्र कैद की सजा तक हो सकती है। उधर, इस कार्रवाई से खलबली मची गई है।
ऑक्सीटोसिन पशुओं में दूध उतारने के लिए लगाया जाता है। लेकिन यह दवा पशुओं के शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है। साथ ही मनुष्य के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिस पशु को ऑक्सीटोसिन लगाया गया है उसका दूध पीने से महिलाओं में गर्भपात और कैंसर होने का खतरा बना रहता है। साथ ही पुरुषों में नपुंसकता हो सकती है। इसी लिए ऑक्सीटोसिन को सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि कोई मेडिकल इस दवा को बेचता मिलता है तो उसे खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। बावजूद इसके ऑक्सीटोसिन की चुपके चोरी बिक्री हो रही है। कई बार मामले पकड़े में आ चुके हैं।
बुधवार की शाम औषधि निरीक्षक पीयूष कुमार ने सैदनगली स्थित ओम मेडिकल स्टोर पर छापामारी की। इस दौरान भारी संख्या में ऑक्सीटोसिन वायल बरामद हुई। जो दस एमएल, बीस एमएल वायल में थी। ऑक्सीटोसिन की किसी भी वायल पर मैन्यूफैक्चरिंग लेबिल नहीं लगा हुआ था।
औषधि निरीक्षक पीयूष कुमार ने ऑक्सीटोसिन वायल को जब्त करने की कार्रवाई की है। जिनकी कीमत एक लाख से अधिक बताई जा रही है। इस मामले में मेडिकल स्टोर स्वामी अनुराग गुप्ता के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। ड्रग्स एक्ट और एनिमल एक्ट के तहत अनुराग गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।