अमरोहा। देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर लैब को शुरू करने की कवायद की है। इसके लिए लैब टेक्नीशियन व डाटा एंट्री ऑपरेटर तैनात कर दिए गए हैं। जबकि, नॉन-मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी को तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
लंबे समय से बंद पड़ी मशीनों को इंजीनियर चेक कर चुके हैं, जो मशीन खराब हो गई है, उन्हें नई लगाने के लिए आर्डर दिया है। फिलहाल, जिले की सभी सीएचसी पर खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर मरीजों की आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाएगी।
अमरोहा में यह लैब 30 शैय्या मैटरनिटी विंग सीएचसी मोहल्ला कोट की बिल्डिंग में स्थापित है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यह लैब स्थापित की गई थी। करीब 200 सैंपल की क्षमता वाली इस लैब में 50 मरीजों की रोजाना जांच होती थी। सीएचसी और जिला अस्पताल में एंटीजन जांच में पॉजिटिव कोरोना के मरीजों की आरटीपीसीआर जांच कराई जाती थी। इस लैब के खुलने से कोरोना के मरीजों को सहूलियत मिली थी। क्योंकि, इससे पहले सैंपल दिल्ली और मेरठ भेजे जाते थे, जिनकी रिपोर्ट कई दिन में मिलती थी।
2021 में कोरोना खत्म हुआ तो आरटीपीसीआर लैब बंद हो गई। यहां तैनात स्टाफ को भी हटा दिया गया था। हालांकि, आरटीपीसीआर लैब में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरी नौकरियों में प्राथमिकता दी गई थी। लेकिन, एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। देशभर में एक हजार से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। शासन ने भी स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इन दोनों गर्मी के मौसम में खांसी, जुखाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लिहाजा अस्पतालों में आने वाले खांसी जुकाम बुखार के मरीजों की कोरोना की जांच भी की जा रही है।