डॉ. आशीष निजी अस्पताल चलाने के साथ आईएमए के सचिव भी रहे हैं। उनके परिवार में पत्नी गीतांजलि के अलावा बेटी इंद्री त्रिवेदी और बेटा अभीष्ट त्रिवेदी हैं। इंद्री त्रिवेदी बड़ी व अभीष्ट छोटा था। 12वीं करने के बाद अभीष्ट बहन के साथ दिल्ली में नीट की तैयारी कर रहा था। गीतांजलि त्रिवेदी भी डॉक्टर हैं और पति के ही अस्पताल में प्रैक्टिस करती हैं। परिजनों के मुताबिक बीते शनिवार को बुखार आने पर परिजनों ने अभीष्ट को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से भी डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया।
दिल्ली में हुई जांच में अभीष्ट को डेंगू की पुष्टि हुई। परिजनों के मुताबिक अभीष्ट की तबीयत में सुधार होने की बजाय बिगड़ती चली गई। मंगलवार दोपहर इलाज के दौरान अभीष्ट की मौत हो गई। परिवार के इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही डॉक्टर दंपती के होश उड़ गए। बहन इंद्री त्रिवेदी भी बदहवास हो गई। जानकारी मिलते ही डॉ. आशीष त्रिवेदी के घर पर रिश्तेदार और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। देर रात परिजन अभीष्ट के शव को लेकर घर पहुंचे। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने डेंगू से मौत की जानकारी से इन्कार किया है।
हाईस्कूल में सीबीएसई बोर्ड से जिला टॉपटेन में शामिल था अभीष्ट
परिजनों के मुताबिक पढ़ने में बेहद होनहार था। गजरौला के सेंटमैरी स्कूल से हाई स्कूल की पढ़ाई की थी। इस दौरान अभीष्ट सीबीएसई बोर्ड से जनपद के टॉपटेन विद्यार्थियों में से एक था। उसकी पांचवीं रेंक आई थी।
मरणोपरांत अभीष्ट का नेत्रदान
अमरोहा। डेंगू से हुई नेत्र चिकित्सक के इकलौते पुत्र अभीष्ट की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उधर देर शाम सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट की टीम मरणोपरांत मृतक के नेत्रदान के संकल्प को पूरा करते हुए कॉर्निया संकलित किया।