तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद भटनागर के नेतृत्व में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए। उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुआ कहा कि वकीलों पर हुए अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। गाजियाबाद में वकीलों पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो गलत है। उन्होंने मांग पूरी होने तक हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी। इस दौरान महासचिव शकील अहमद, मंसूर अहमद, आसिफ हसन, मंजीत सिंह, यशपाल सिंह, सर्वेश सक्सेना, शमीम अहमद तुर्क आदि मौजूद रहे।
उधर, अमरोहा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा और महासचिव नरेंद्र पोषवाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। कहा, जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी। विरोध प्रदर्शन के साथ अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान मनु शर्मा, अजीम अहमद, कमर आलम, पवन वर्मा, धर्मेंद्र पवांर, गुलवारी चौधरी, चंद्रगुप्त मौर्य मौजूद रहे।
तहसील के बाहर जाम लगाकर किया प्रदर्शन
मंडी धनौरा। मंगलवार को बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए तहसील के मेन गेट तक आए। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष कुलवीर सिंह का कहना था कि पुलिस निरंकुश होती जा रही है। अदालत में घुसकर वकीलों पर लाठीचार्ज की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वकीलों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व वकीलों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग की। वकीलों ने गजरौला मार्ग पर पांच मिनट के लिए सांकेतिक जाम भी लगाया। अनुराग कुमार, विनोद शास्त्री, मूलचंद त्यागी, राजीव लोचन, रविंद्र अग्रवाल, संजीव यादव, प्रशांक त्यागी आदि मौजूद थे।
हसनपुर में भी न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
हसनपुर। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के द्वारा मंगलवार को भी गाजियाबाद पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि गाजियाबाद में अधिवक्ताओं के साथ लाठी चार्ज का निर्णय लेना बहुत ही अमानवीय है। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन खां, महासचिव टेकचंद सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुदित शर्मा, नीरज त्यागी, गौरव शर्मा, आशुतोष वत्स, नरेश राणा, जगपाल सिंह, संगीता शर्मा मौजूद रहे।