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Amroha News: खुले में ट्रांसफार्मर, जर्जर तार... कदम-कदम पर खतरा

Sun, 05 Apr 2026 12:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा में आजाद रोड के किनारे बिना जाल के रखा ट्रांसफार्मर व उसके पास से गुजरता व्य​क्ति। संवाद
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अमरोहा। बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए भले ही सरकार ने करोड़ों खर्च कर दिए हो, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग है। जर्जर लटकते मौत रूपी तार और खुले में रखे ट्रांसफार्मर लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जिम्मेदार जानते हुए भी अनजान बने हैं।
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बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में कारोबार प्लान के तहत करीब 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि बीते वर्ष 26.87 करोड़ रुपये व्यय किए गए। इस धनराशि का उपयोग जर्जर तारों को बदलने और अन्य सुधार कार्यों में होना था। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस वर्ष भी करीब 31 करोड़ रुपये का बजट शासन को भेजा जा रहा है, जबकि मौजूदा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर बिना किसी सुरक्षा जाली या बैरिकेडिंग के खुले में रखे हुए हैं। इनके आसपास न तो चेतावनी संकेत हैं और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम। कई स्थानों पर लोग और बेजुबान मवेशी करंट की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बरसात के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। नमी और जलभराव के कारण करंट फैलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित किया जाए। इसके बावजूद शहर से लेकर गांवों तक इन निर्देशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
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शनिवार को अमरोहा शहर के मोहल्ला कैलसा बाइपास, आजाद सड़क, मुरादाबादी गेट और जेएस हिंदू इंटर कॉलेज के सामने और नगर पालिका परिसर के बाहर सड़क किनारे ट्रांसफार्मर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के रखे हुए हैं। वहीं घनी आबादी वाले गांवों में जर्जर विद्युत तार जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर लटक रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों में उचित अर्थिंग नहीं होने से करंट फैलने की आशंका बनी रहती है। विभाग भले ही बिजली लाइनों के दुरुस्त होने के दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यदि जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा।
मंडी धनौरा : शहर में सड़कों पर खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसों को न्योता दे रहे हैं। विभागीय अधिकारी इन ट्रांसफार्मरों को हटाने के लिए गंभीर नहीं हैं। बाईपास मार्ग पर घास मंडी, कलाली चुंगी और शेरपुर मार्ग पर ट्रांसफार्मर सड़क किनारे खुले में रखा है। इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार ट्रांसफार्मर से तेल निकलने पर वहां से गुजरने वाले लोग झुलसने से बचे हैं। नागरिकों की मांग है कि ट्रांसफार्मर को सड़क से सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाए।
हसनपुर : सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मर
हसनपुर नगर में कई स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर सड़क किनारे रखे हुए हैं। जिससे हादसों की आशंका बनी हुई है। कई बार फाल्ट होने पर रास्ते से गुजर रहे लोगों के चपेट में जाने का भय बना रहता है। हसनपुर में एसडीओ कार्यालय के पास सड़क पर ही ट्रांसफार्मर रखा है। इसके अलावा कनेटा सड़क, संभल बाइपास सड़क पर भी कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर में सड़क किनारे फाउंडेशन के ऊपर रखे हुए हैं।
ढबारसी : सड़क पर लटके तार दे रहे हादसे को दावत ढबारसी क्षेत्र के गांव ढबारसी में मुख्य मार्ग पर रखे ट्रांसफार्मर पर तार नीचे लटके पड़े है। जिससे हादसे का भय बना रहता है। यहां पर बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बाजार भी लगता है। जिसमें हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं। कुछ दुकानदार गर्मी से बचने के लिए अपने तिरपाल बांधने के लिए ट्रांसफार्मर से लगाकर अपनी दुकान लगाते हैं। ऐसे में आमजन को जान का खतरा बना हुआ है।
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ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग हुई है। अगर कहीं पर नहीं हुई है तो उसे दिखवाकर कराया जाएगा। जर्जर तारों को भी बदलवाने का काम चल रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए कारोबार प्लान के तहत 31 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसके मंजूर होते ही काम कराए जाएंगे। विष्णु दयाल यादव, अधीक्षण अभियंता
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