बछरायूं (अमरोहा)। शक में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के सिर पर लकड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद ही थाने पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी दी। हत्या की बात सुनते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। आरोपी को साथ लेकर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हत्या में प्रयुक्त लकड़ी भी पुलिस ने बरामद की है। महिला के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बछरायूं थाना क्षेत्र के ढयोटी गांव निवासी पीतम खेती-किसानी करता है। उसकी शादी 1998 संभल के सुनवारी गांव में हुई थी। उसके तीन बच्चे धावेश, नितिन व मनी है। गुरुवार की रात वह अपनी पत्नी चमन देवी (35) के साथ पशुशाला के पास बने कमरे में सो रहा था। रात में ही उसने सोते वक्त पत्नी के सिर पर लकड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। शुक्रवार को घटना के बारे में उस वक्त पता चला जब पड़ोस में रहने वाले उसके भाई ने पीतम के बेटे नितिन से पशुओं को चारा डालने के लिए कहा। नितिन ने पशुशाला के पास बने कमरे को खोला तो उसकी चीख निकल गई। खाट पर उसकी मां चमन देवी का शव पड़ा हुआ था। सिर पर चोट के निशान थे। उसने बाहर आकर शोर मचाया तो गांव वाले एकत्र हो गए। पीतम की तलाश की गई लेकिन वह नहीं मिला। इस बीच पीतम खुद ही थाने पहुंच गया और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। पुलिस पीतम को साथ लेकर मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक पीतम ने बताया है कि शक में उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। पुलिस ने चमन देवी के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीतम की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग की गई लकड़ी भी बरामद कर ली गई। सूचना मिलने पर चमन देवी के मायके वाले भी गांव पहुंच गए। इस मामले में पीतम के साले परम सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
हत्या के बाद फरार होने की सोच रहा था पीतम
बछरायूं। पत्नी की हत्या करने के बाद पीतम फरार होने की सोच रहा था। पुलिस के मुताबिक पीतम ने अपनी पत्नी की हत्या गुरुवार की रात लगभग 11 बजे कर दी थी। इसके बाद वह पैदल ही धनौरा मार्ग की ओर चल दिया। थाने में पीतम ने बताया कि वह सोच रहा था कि पत्नी की हत्या के बाद कहीं दूूर चला जाएगा। इसी उधेड़बुन में वह कई घंटे तक धनौरा बाईपास मार्ग बैठा रहा। बाद में उसने सोचा कि पुलिस आखिरकार उसे गिरफ्तार कर ही लेगी। फरार होने का कोई लाभ नहीं है। उसके बाद कड़े मन से निर्णय लिया और तड़के पांच बजे थाने पहुंच गया। आधे घंटे वह बछरायूं में भी थाने के बाहर बैठा रहा। छह बजे थाने के आफिस में गया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को अपनी पत्नी की हत्या की जानकारी दी।
बाबू जी अपमान की जिंदगी से सम्मान की मौत बेहतर है
बछरायूं। बाबू जी अपमान की जिंदगी से सम्मान की मौत बेहतर है। यह बयान मीडिया के लोगों की मौजूदगी में प्रभारी निरीक्षक द्वारा पूछताछ के दौरान पीतम सिंह ने दिया। पीतम ने कहा कि उसने कई बार अपनी पत्नी को मना किया था। प्रभारी निरीक्षक से बात करते हुए पीतम सुबक सुबक कर रोने लगा। उसने कहा कि साहब अपमान की जिंदगी से सम्मान की मौत मरना बेहतर है। उसने बताया कि गुरुवार की रात भी इसको लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पास में पड़ी लकड़ी से पत्नी के सिर पर वार कर दिया था।
गांव वालों को नहीं हो रहा है आरोप पर यकीन
बछरायूं। पीतम भले ही अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर आरोप लगा रहा हो, लेकिन गांव में चमन देवी के व्यवहार व चाल चलन को लेकर कोई शक नहीं था। मौके पर मौजूद लोग पीतम के आरोप से सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि उन्होंने आज तक चमन देवी के चाल चलन में कोई खोट नहीं देखा है। दोनों की शादी को 21 साल बीत चुके थे। दोनों के तीन बच्चे भी हैं। बच्चों को भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार गुरुवार की रात ऐसा क्या हुआ कि पापा ने मां को मौत की नींद सुला दिया। बच्चों की मां अब इस दुनिया में नहीं है और पिता जेल चले गए। परिवार में बच्चों के अलावा उनकी दादी ही है।
इंस्पेक्टर पंकज वर्मा को घटना की जानकारी देता हुआ आरोपी पीतम व सुबकते हुए पीतम- फोटो : DHANAURA
पीतम की पशुशाला के पास बने कमरे के बाहर मौजूद ग्रामीणों की भीड़ व कमरे में पड़ी इसी खाट पर सो रही थ?- फोटो : DHANAURA