अमरोहा। जल जीवन मिशन के कामों में देरी, कमियां और लापरवाही अमर उजाला की सुर्खियां बनीं तो शासन और प्रशासन भी इस मामले में गंभीर हो गए हैं। शासन से गंभीर जारी होने के बाद जिला स्तर पर एक जांच टीम गठित की गई है, जो बचे हुए और बाकी प्रस्तावित कामों की स्थिति की जांच कर उन कमियों को दूर कराएगी, जो हर घर तक नल और जल पहुंचाने में बाधक हैं।
जिले में मिशन के बाकी बचे कामों की जांच और निगरानी के दौरान यह टीम उस एजेंसी और जिम्मेदार को भी चिह्नित करेगी, जो काम को लेकर गंभीर नहीं हैं। इस तरह की एजेंसी का भुगतान या कर्मचारी का वेतन रोकने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। जिले में मिशन के कामों की जांच से जुड़ी टीम में लोक निर्माण विभाग, जल निगम के अफसर रहेंगे, जबकि इस टीम में शासन से नामित एक अधिकारी या एजेंसी भी शामिल रहेगी।
जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुल 493 ओवरहेड टैंकों का निर्माण तय हुआ था। टैंकों के साथ उनके संचालन के लिए बोरिंग-नलकूप, बिजली या सोलर प्लांट और घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन का काम होना था। जनपद में संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब गांव-गांव पड़ताल की तो अधिकांश स्थानों से अधूरे कामों की तस्वीर सामने आई। कई जगह पानी न मिलने पर पाइप के लिए खुदाई से रास्ते-सड़कें चौपट हो जाने की शिकायतें मिलीं। अमर उजाला में इन ग्राउंड रिपोर्टों का सिलसिलेवार प्रकाशन होने के बाद मिशन के कामों के प्रति गंभीरता के संकेत मिले हैं।
अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण चंद्रहास ने बताया कि जिले में 200 ओवरहेड टैंकों का काम पूरा कर लिया गया है। अभी 293 ओवरहेड टैंकों का निर्माण चल रहा है। इनकी धरातल से जांच शुरू होगी। निर्माण पूरा होने तक यह निगरानी के दायरे में रहेंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग, जल निगम और शासन से नामित एक थर्ड पार्टी की गठित टीम की जिम्मेदारी रहेगी। अधिशासी अभियंता के मुताबिक बन चुके 200 टैंकों की जांच करा ली गई है।
कैलसा। ग्राम पंचायत कुम्हारिया उमरी सादात में 2022-23 से ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके तहत ऑपरेटर रूम, बोरिंग, बाउंड्री और पिलर पर टैंक रखने का काम किया लेकिन फिर किसी ने सुध नहीं ली। इससे ऑपरेटर रूम की दीवार समेत अन्य कुछ दीवारें गिर गईं। इस पंचायत में ग्राम कुम्हारिया और उमरी सादात दो गांव हैं। इनकी आबादी करीब पांच हजार है। लोगों का कहना है कि अधूरे कामों के कारण इस भीषण गर्मी में भी पानी के संकट से जूझना पड़ता है।
वहीं, ग्राम पंचायत बुडेरना में ओवरहेड टैंक के पिलर का काम सरिया खड़े करने तक सीमित है। ग्राम प्रधान संदेश ढिल्लो ने कहा कि पंचायत के दोनों गांवों के रास्ते खोद कर छोड़ दिए थे। ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए पंचायत निधि से ही रास्तों को ठीक कराया गया। रुके हुए कामों के लिए उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं। निर्माण कार्य जल्द पूरा करके पानी की आपूर्ति देने की मांग की है। संवाद