मालखानों में कैद 15 लाख कीमत के पुराने नोट पुलिस भारतीय स्टेट बैंक में जमा कराएगी। अपर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष और कोतवाली प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। कहा है कि 31 दिसंबर पुराने नोट जमा करने की आखिरी तारीख है। इसके बाद यह बेकार हो जाएंगे। इससे इसे बैंक में सरकारी खाते में जमा करा दिया जाए। इसके लिए पुलिस ने कोर्ट से अनुमति ले ली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आठ नवंबर की रात्रि में लिए गए नोटबंदी के फैसले के कारण हजार और पांच सौ के पुराने नोट चलन से बाहर हो गए हैं। इधर, पुलिस की ओर से बदमाशों की गिरफ्तारी कर उनसे लूट, डकैती, चोरी आदि वारदातों में बरामद नोट और अन्य सामान को मालखाने में जमा किया जाता है। फिलहाल जनपद के थानों और कोतवालियों केे मालखानों में बदमाशों से बरामदगी के 15 लाख कीमत के हजार और पांच सौ के पुराने नोट कैद हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि मालखानों में कैद पुराने नोट से लेकर अन्य सामान साक्ष्य के तौर पर रखा जाता है। सरकारी संपत्ति होने के कारण अदालत कभी भी इनको मांग सकती है। उधर, 31 दिसंबर पुराने नोट जमा करने की अंतिम तारीख है। इसके बाद यह बेकार हो जाएंगे। ऐसे में जिला पुलिस ने कोर्ट से पुराने नोट जमा करने की अनुमति ले ली है।
अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद के सभी थानाध्यक्ष और कोतवाली प्रभारियों को 31 दिसंबर से पहले मालखानों में कैद हजार और पांच सौ के पुराने नोट जमा कराने के निर्देश दिए हैं। सबसे पहले गजरौला थाने के मालखाने से 129740 रुपये जमा किए गए हैं।
पुलिस के मालखानों में बंद चलन से बाहर हो चुके हजार और पांच सौ के पुराने नोट 31 दिसंबर तक जमा होंगे। सभी कोतवाली प्रभारी और थानाध्यक्षों को 15 लाख की कीमत के पुराने नोट जमा करने के निर्देश दिए हैं। -नरेंद्र प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक।