रहरा। देहरादून में बादल फटने की घटना के बाद नदी में बहे गांव रहरा निवासी पुष्पेंद्र और पीतम का शव बुधवार को दूसरे दिन शाम तक भी नहीं मिल पाया है। परिजन देहरादून पहुंच गए हैं। अपनों की तलाश में आंसू बहा रहे हैं। वहीं तीसरे मजदूर पंकज का शव मंगलवार को ही बरामद हो गया था, उसका अंतिम संस्कार देहरादून में ही कराने की तैयारी की जा रही है।
हसनपुर के गांव रहरा और आसपास के गांव के रहने वाले 11 मजदूर रक्षाबंधन त्योहार से दो दिन बाद देहरादून के बाजावाला गांव में मजदूरी करने गए थे। बताते हैं कि स्पिना नदी से बजरपुट निकाला जा रहा था। मंगलवार तड़के भारी बारिश और बादल फटने की वह से नदी में बाढ़ आ गई। नदी में काम करते समय रहरा निवासी पुष्पेंद्र (20), पीतम (22) और पंकज (27) बह गए थे। पांच घंटे बाद पंकज का शव मिल गया था। जबकि अन्य की तलाश जारी है। दूसरे दिन भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सूचना मिलने पर परिजन घबरा गए। इसके बाद आनन-फानन में परिजन देहरादून पहुंच गए। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि देहरादून में नदी में बहे रहरा के दो युवकों का कोई सुराग अभी तक नहीं मिला है।
पल-पल अपनों का खबर लेने के लिए तड़प रहे परिजन
रहरा। देहरादून में बादल फटने की घटना के बाद नदी में बह गए मजदूरों की खबर जानने के लिए परिजन पल-पल तड़प रहे हैं। आंखों से आंसू बहा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। लापता पुष्पेंद्र के भाई देवेंद्र का कहना है कि देहरादून प्रशासन के द्वारा तलाशी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, पुष्पेंद्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उधर, लापता रहरा निवासी प्रताप के परिजन भी भूखे प्यासे नदी के किनारे बुधवार को तलाश करते रहे। संवाद
मजदूरों के लापता होने पर दूसरे दिन भी ग्रामीणों में बनी रही बैचेनी
रहरा। मजदूरों के लापता होने पर गांव रहरा में बुधवार को दूसरे दिन भी बैचेनी बनी रही। ग्रामीण एकत्र होकर लापता मजदूरों की कुशलक्षेम जानने के लिए बातचीत करते रहे। संवाद
घटना स्थल से दो किमी दूर मिला ट्रैक्टर और ट्राॅली बीस किमी दूर
हसनपुर। मंगलवार तड़के देहरादून के बाजावाला गांव के पास नदी में बाढ़ जब आई थी। उस समय नदी में चार मजदूर ट्रैक्टर-ट्राॅली में बजरपुट भरने का काम कर रहे थे। जब पानी ज्यादा हुआ था। पुष्पेंद्र, पंकज, प्रताम और संभल निवासी मजदूर ट्रैक्टर के ऊपर चढ़ गए। इसी बीच पलभर में ही बादल फटने से नदी में पंद्रह फिट ऊंचा पानी हो गया। प्रत्यक्षदर्शी मजदूर देवेंद्र ने बताया कि पानी में ट्रैक्टर ट्राली समेत चारों मजदूर बह गए। बुधवार को ट्रैक्टर घटना स्थल से दो किमी दूर मिला जबकि ट्राॅली करीब दस किमी दूर मिल पाई। संवाद