अमरोहा। उपभोक्ता आयोग ने क्लेम से इन्कार करने वाली बीमा कंपनी को क्लेम के पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा व वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बीमा कंपनी को पूरी धनराशि एक महीने के भीतर अदा करनी होगी। इससे पहले बीमा कंपनी ने महिला किसान की मौत के बाद क्लेम देने से इन्कार कर दिया था।
रहरा थानाक्षेत्र के रहरई गांव निवासी झम्मन सिंह की मौत 3 अप्रैल 2016 को हो गई थी। उनकी पत्नी द्रौपदी खेती करके पूरे परिवार का पालन पोषण करती थीं। लेकिन, 31 दिसंबर 2017 को द्रौपदी अपने बेटे सोमवीर के साथ खेत पर जा रही थी। रहरा रोड स्थित मंदिर के पास रोडवेज बस के चालक ने भैंस बुग्गी को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में घायल द्रौपदी की इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उनके बेटे सोमवीर और जयवीर उर्फ जसवीर ने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के अंतर्गत क्लेम के लिए आवेदन किया था। लेकिन 10 जनवरी 2019 को बीमा कंपनी ने क्लेम का दवा निरस्त कर दिया। इसके बाद सोमवीर सिंह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली।
मामले में आयोग के अध्यक्ष रमा शंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को तलब किया। बीमा कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि मृतक द्रोपदी की जन्म तिथि 1945 अंकित है। जबकि उनकी मौत की तिथि 31 दिसंबर 2017 है, जिससे उनकी आयु करीब 84 वर्ष होगी। जबकि परिवार रजिस्टर के हिसाब से उनकी आयु 73 वर्ष होगी। इसलिए दोनों प्रपत्रों के आधार पर उनकी आयु में 12 साल का अंतर है। जबकि मृतक द्रौपदी की उम्र आधार कार्ड के अनुसार 63 वर्ष 11 महीने 30 दिन है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी के तर्कों को खारिज कर दिया। साथ ही बीमा कंपनी को क्लेम के पांच लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक और आर्थिक पीड़ा के लिए 15 हजार और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।