महाशिवरात्रि हर दिन नजदीक आ रही है। इसी के साथ गली मोहल्लों से हाईवे तक कांवड़ियों के जत्थे नजर आने लगे हैं, जो हरिद्वार से गंगाजल भर कर शिवालयों की ओर बढ़ चले हैं। बुधवार को नगर की सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे और धनौरा स्टेट हाईवे तक पर कांवड़ियों के जत्थे ही जत्थे नजर आ रहे थे। इसके मद्देनजर सुबह आठ बजे से एनएच-24 पर ट्रैफिक वनवे कर दिया गया। साथ ही धनौरा रोड पर भारी वाहनों का आवागमन भी रोक दिया गया।
बता दें कि महाशिवरात्रि पर भगवान महादेव का गंगा जल से अभिषेक करने के लिए अमरोहा जनपद समेत आसपास के जनपदों के शिव भक्तों का हरिद्वार से जल भर कर लाने का सिलसिला कई दिनों से चल रहा है।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए अमरोहा जनपद प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने 21 फरवरी दिन मंगलवार की दोपहर से एनएच-24 और धनौरा हाईवे पर भारी वाहनों का रूट डायवर्जन करने के आदेश जारी कर दिए थे। हालांकि मंगलवार को कांवड़ियों की आमद कम होने से रूट डायवर्जन का पालन नहीं कराया गया।
इधर, बुधवार सुबह कांवड़ियों की तादात बढ़ी तो पुलिस अलर्ट हो गई। सुबह आठ बजे से ही ब्रजघाट पुल से मुरादाबाद की ओर जाने वाली साइड को कांवड़ियों के हवाले कर दी गई। जबकि मुरादाबाद और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को एक साइड की सड़क से निकाला गया। ट्रैफिक वनवे कर दिया गया। कांवड़ियों के मार्ग पर कोई वाहन जाने न पाये। इसके लिए प्रत्येक यूटर्न पर पुलिस तैनात कर दी गई।
इसके अलावा भारी वाहनों को चौपला पर भी एनएच-24 से ही निकाला गया। उधर धनौरा रोड पर भी भारी वाहन नहीं जाने दिए। इंदिरा चौक पर भी सुबह से ही बैरियर लगा दिये गए। सिर्फ कार जैसे वाहन ही धनौरा की ओर आ जा सके। वहीं धनौरा की ओर से आने वाले उन कांवड़ियों को तिगरी मार्ग से होते हुए गांव शहबाजपुर डोर से होकर ब्रजघाट के लिए निकाला गया।