अमरोहा। बिजली विभाग के ठेकेदार गुड्डू मंसूरी के खिलाफ भेजे गए फर्जी ई-मेल का मामला अब नया मोड़ आ गया है। यह ई-मेल किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि रंजिश के चलते उनके ही पड़ोसी ने विभागीय अधिकारियों से कथित साठगांठ कर भेजा था। आरोप है कि रजत महेश्वरी के नाम से मुख्य अभियंता को शिकायत भेजकर ठेकेदार को फंसाने की कोशिश की गई। मामला उजागर होने पर आरोपी ने ठेकेदार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली है, जहां 28 मार्च को सुनवाई प्रस्तावित है।
गुड्डू मंसूरी बिजली विभाग में ठेकेदार हैं। उनका आरोप है कि दो फरवरी को रजत महेश्वरी नाम के व्यक्ति ने अपनी ई-मेल आईडी से मुख्य अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम गजरौला को एक शिकायत भेजी। ई-मेल में आरोप लगाया गया कि गुड्डू मंसूरी विभाग में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाकर धन ऐंठते हैं। इस ई-मेल के आधार पर मुख्य अभियंता ने पत्र जारी कर उनके बिजली विभाग के कार्यालयों में आवागमन पर रोक लगा दी थी। ठेकेदार का आरोप है कि जब उन्होंने सात फरवरी को मुख्य अभियंता को नोटिस दिया, तो इसके बाद उनके खिलाफ साजिश रची जाने लगी। 14 फरवरी की रात करीब 9:41 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को रजत महेश्वरी बताते हुए धमकी दी कि यदि उन्होंने शिकायत करना बंद नहीं किया तो उन्हें जान से मरवा दिया जाएगा। साथ ही विभाग में काम जारी रखने के लिए हर माह एक लाख रुपये देने की मांग की गई।गुड्डू मंसूरी का कहना है कि उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने मुख्य अभियंता और रजत महेश्वरी नाम के व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया है। वहीं, मुख्य अभियंता ने आरोपों को निराधार बताया है।