परिषदीय स्कूलों में नया सत्र शुरू होने के बाद भी नई किताबे नहीं पहुंची है। जबकि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार पाठ्य सामग्री विद्यालयों और विद्यार्थियों तक पहुंचनी थी, लेकिन नई किताबें नहीं मिलने के कारण बेसिक शिक्षा निदेशक ने फिलहाल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 786 प्राथमिक, 185 उच्च प्राथमिक और 294 कंपोजिट विद्यालयों में करीब 1.42 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से लगभग विद्यालय बंद थे। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी बच्चों को लगभग आधा सत्र बीतने के बाद पुस्तकें मिली थीं। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। नया शैक्षिक सत्र 2022-23 एक अप्रैल से शुरू हो गया है। इसके बावजूद बच्चों के लिए नई किताबें पहुंचाने का कोई निर्देश नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों की माने तक नई किताबें मई माह तक मिलने की उम्मीद हैं। फिलहाल सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नए सत्र में पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि शासन ने स्कूल के पुराने बच्चों से किताबें जमा कराकर नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नई किताबें मिलने पर बच्चों को वितरित कराई जाएंगी। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है।