विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कड़ाई से आचार संहिता का पलान कराया जाएगा। सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग, बैनर, पोस्टर नहीं लगा सकेंगे। निजी भवन पर पोस्टर लगाने से पहले मालिक की अनुमति लेनी होगी। उधर, आचार संहिता लागू होते ही जिले में अभियान शुरू हो गया है। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दीवार और सरकारी संपत्ति से होर्डिंग, बैनर हटवाए जा रहे हैं। डीएम के आदेश पर नगर पालिका और नगर पंचायतों के कर्मचारी जबरदस्त तरीके से काम को अंजाम दे रहे हैं।
करीब छह महीने से जिले में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चल रही है। मुख्यमंत्री से लेकर अन्य वरिष्ठ नेताओं को आगमन हुआ। ऐसे में तमाम जनप्रतिनिधियों ने खुद को चमकाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहे, सरकारी संपत्ति, दीवारें प्रत्याशियों के होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्सी बोर्ड से पाट दिया था। जहां देखो वहीं होर्डिंग बैनर लगे हुए हैं। इससे चुनाव प्रभावित हो सकता है। इसी लिए आयोग ने चुनाव से पहले होर्डिंग बैनर हटाने के निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई प्रत्याशी सरकारी संपत्ति, भवन आदि पर होर्डिंग, पोस्टर लगाता है तो वह आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। किसी के निजी भवन और दीवार पर होडिंग व पोस्टर लगाने से पहले मकान मालिक से अनुमति लेनी होगी। यदि वह ऐतराज करता है तो आप पोस्टर नहीं लगा सकेंगे। उधर, प्रशासनिक अफसर और पुलिस फोर्स की निगरानी में नगर पालिका अमरोहा, नगर पंचायत जोया, नौगांवा सादात समेत तमाम शहर-कस्बों में होडिंग पोस्टर को हटवाने के लिए अभियान चलाया गया। पूरे जिले में अभियान शुरू कर दिया गया है। स्पष्ट आदेश हैं यदि सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग-पोस्टर लगाए तो नेता जी का फंसना तय है। उनके खिलाफ आचार संहिता के उलंघन की एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।