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अनदेखी : प्रभारी न कर्मचारी, सिर्फ एक चौकीदार के भरोसे रोडवेज अड्डा

Mon, 28 Apr 2025 01:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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हसनपुर (अमरोहा)।
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करोड़ों रुपये की लागत से बने रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। पूरे अड्डे की जिम्मेदारी सिर्फ एक चौकीदार के भरोसे है। यहां न तो कोई प्रभारी बैठता है और न कोई कर्मचारी। यात्रियों ने संबंधित अफसरों से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

हसनपुर में बने अड्डे पर बसों के ठहराव के नाम पर भी सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। दिनभर में इक्का-दुक्का बसें ही यहां पहुंचती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायत की है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
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कस्बा निवासी भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, सचिन गुप्ता, योगेश चौहान आदि का कहना है कि रोडवेज अड्डे पर सुविधाओं का न होना और बसों का नियमित रूप से न आना समझ से परे है। दिल्ली से गजरौला हसनपुर होकर, संभल, चंदौसी जाने वाली बसों का ठहराव हसनपुर बस अड्डे पर होना जरूरी है। यह बसें बाहर से ही बाईपास होते हुए निकल जाती हैं।

यात्रियों को इन बसों में बैठने के लिए गजरौला तिराहा या संभल अड्डे पर खड़ा होना पड़ता है। यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों से इस ओर ध्यान देने और व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
धनौरा और नौगांवा में नहीं है बस अड्डा
मंडी धनौरा/नौगांवा सादात। मंडी धनौरा और नौगांवा सादात में रोडवेज बस अड्डा नहीं होने से यात्रियों को दिक्कत होती है। रोडवेज बस अड्डे बनने से सैकड़ों लोगों को सुविधा मिलेगी। नगर और ग्रामीण क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद, हरिद्वार, गाजियाबाद आदि स्थानों पर जाते हैं। बस अड्डा न होने से यात्री रोडवेज की बसों के आगे पीछे दौड़ते हैं। सालों से लोग बस अड्डे बनाने की मांग कर रहे हैं। बस अड्डा बनने से रोडवेज की बसों का ठहराव सुनिश्चित होगा। वहीं डग्गामार वाहनों से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
बस अड्डे पर होता है कुछ ही बसों का ठहराव

गजरौला। रोडवेज बस अड्डे पर मुरादाबाद की दिशा में जाने वाली कोई भी बस नहीं रुकती। सभी ओवरब्रिज के ऊपर से गुजर जाती हैं। दिल्ली की दिशा में जाने वाली कुछ ही बस गजरौला बस अड्डे पर ठहर कर जाती हैं। बस अड्डे पर कैंटीन नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खाने के लिए कोई सामान नहीं मिलता। जबकि, पानी पीने के लिए प्याऊ और हैंडपंप लगा है। अड्डे को सही ढंग से संचालित करने के लिए कैंटीन खोली गई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही बंद कर दी गई।
- रोडवेज बस स्टैंड पर महत्वपूर्ण बसों का ठहराव नहीं है। अधिकांश बसें बाईपास होकर गुजर जाती हैं। यात्रियों को उन बसों में सवार होने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। - सचिन गुप्ता, व्यापारी हसनपुर

- रोडवेज बस स्टैंड पर विभाग की ओर से किसी भी कर्मचारी, लिपिक या अधिकारी की तैनाती नहीं की गई है। जिसकी वजह से रोडवेज बस स्टैंड होने के बाद भी उसका लाभ नहीं मिल पा रहा। - तरुण अग्रवाल, व्यापारी हसनपुर
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रोडवेज बस स्टैंड पर जल्द ही कर्मचारी की तैनाती की जाएगी, जो पूछताछ केंद्र पर मौजूद रहेगा। इसके अलावा अन्य बसों के ठहराव की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए संबंधित बस चालकों को निर्देशित किया जा चुका है। - अनिल कुमार, एआरएम
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