गजरौला के ब्रजघाट में गंगा में गश्त करती एनडीआरएफ की टीम।
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उत्तराखंड के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके अलावा हरिद्वार और बिजनौर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी में उफान आ गया है।
जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ चला है, अब यह खतरे के निशान से महज एक कदम पीछे है। इसको देखते हुए हापुड़ और अमरोहा प्रशासन अपने क्षेत्रों में अलर्ट हो गया है। तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है। वहीं श्रावण माह में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर ब्रजघाट गंगा पर एनडीआरएफ की टीम भी बुला ली गई है।
क्षेत्र में पिछले तीन दिन से बारिश हो रही है। रविवार केे तिगरी में सौ एमएम वर्षा दर्ज की गई। वहीं पहाड़ों पर भारी बारिश हो रही है। जिसके कारण गंगा समेत, अन्य नदियों में उफान आ गया है। बता दें कि शनिवार को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़ कर 198.05 मीटर और तिगरी का 200.40 मीटर हो गया था। अगले दिन रविवार को सुबह आठ बजे हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया।
इसके तहत हरिद्वार से 97248 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 121212 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने का असर भी दिखने लगा, ब्रजघाट और तिगरी में जलस्तर बढ़ गया। रविवार दोपहर दो बजे ब्रजघाट का जलस्तर 198.20 मीटर और तिगरी का 200.70 मीटर हो गया। इस तरह ब्रजघाट में गंगा खतरे के निशान 199.34 मीटर से 1.14 मीटर और तिगरी में खतरे के निशान 202.2 मीटर से 1.50 मीटर ही दूर हैं। हाल यह है कि, ब्रजघाट में मुख्य स्नान घाट पर पैड़ियों पर लगातार पानी चढ़ता जा रहा है। तो वहीं खादर के गांवों में रहने वालों के दिलों में दहशत छाई हुई है।